प्रत्यूषा सुसाइड मामले में हुआ चौंकाने वाला खुलासा!

नई दिल्ली(23 अप्रैल): बालिका वधू फेम प्रत्यूषा बनर्जी आत्महत्या मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं।अब प्रत्यूषा की बॉडी की केमिकल एनालिसिस रिपोर्ट सामने आई है। इसमें कहा गया है कि प्रत्यूषा सुसाइड के वक्त बेहद ज्यादा नशे में थीं। उनकी बाॅडी में अल्कोहल 135mg था जो काफी ज्यादा था। इससे उनका खुद पर कंट्रोल नहीं रहा।

आपको बता दें कि प्रत्यूषा ने 1 अप्रैल को मुंबई में अपने फ्लैट पर सुसाइड किया था। प्रत्यूषा के विसरा और यूटरस के सैम्पल को पुलिस ने कलीना फॉरेंसिक लैब में भेजा था। डॉक्टर्स का कहना है कि शरीर में 30mg से ज्यादा अल्कोहल नहीं होना चाहिए। अगर अल्कोहल 100mg के लेवल पर पहुंच जाए तो व्यक्ति ठीक से बोल नहीं पाता। वह भूलने लगता है और बेहोशी की हालत में चला जाता है। 135mg जैसे लेवल पर व्यक्ति की मौत होने का जोखिम बढ़ जाता है। वह डिप्रेशन में चला जाता है। उसका खुद पर कंट्रोल नहीं रहता। मुमकिन है कि प्रत्यूषा के केस में भी यही हुआ हो।

राहुल ने क्या बताया था 

- राहुल ने हाल ही में पुलिस पूछताछ में दिए बयान में कहा था, ''प्रत्यूषा और मैं अपने कॉमनफ्रेंड के साथ पार्टी में रहे और रातभर बातचीत की।''

- ''सुबह 8.30 बजे 1 अप्रैल को हमने कुछ खाने का फैसला लिया। अगर हमने घर में ही खाना बनाया होता तो ऐसा कुछ नहीं हुआ होता।''

- ''जब मैं उठा तो प्रत्यूषा नहाने गई थी। इसके बाद वह फिर से ड्रिंक करने लगी।''

- ''उसे शराब पीने की आदत थी। मैंने उसे ऐसा करने से मना किया और खाना लेने बाहर चला गया।''

- ''जब मैं घर लौटा तो पहले बेल बजाई लेकिन वह ऑफ थी। मेरी चाबी काम नहीं कर रही थी, क्योंकि डबल लॉक था।''

- ''मैंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिलने पर मैंने कॉल करना शुरू किया, फिर मैसेज किया।''

- ''मैं नीचे उतर आया। ताला ठीक करने वाले को लाया। हम दूसरी चाबी बनवाने के बारे में सोच रहे थे।''

- ''उसी दौरान हमारा नौकर आ गया। मैंने उससे कहा कि वह बॉलकनी से कूद कर दरवाजे को अंदर से खोले।''

- ''घर में घुसते ही मैंने देखा कि प्रत्यूषा पंखे से लटक रही है। मैं तुरंत उसकी ओर दौड़ा और उसके पैरों के नीचे अपना कंधा रख दिया।''

- ''ताला मरम्मत करने वाले ने उसका दुपट्टा काटा। मैंने उसके चेहरे पर पानी के छींटे मारे। उसके चेस्ट को पम्प करना शुरू किया और उसकी सांस वापस लाने के लिए माउथ-टू-माउथ प्रॉसेस की।''

- ''इसके बाद मैंने उसे तुरंत उठाया और नीचे ले गया। मैं कार में उसके बगल में बैठा। मैं परेशान था और जितनी जल्दी हो सका, सिग्नल तोड़ते हुए हॉस्पिटल पहुंचाया।''