अब इस पार्टी की नैया पार लगाएंगे प्रशांत किशोर

नई दिल्ली (10 जुलाई): भले ही प्रशांत किशोर यूपी में कांग्रेस की नैया पार नहीं लगा सके, लेकिन डीएमके ने उनपर भरोसा दिखाया है। सूत्रों ने बताया कि किशोर की इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पीएसी) की इस पार्टी के साथ बातचीत चल रही है, लेकिन अब तक कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है।

आई-पीएसी ने तमिलनाडु में कॉन्स्टिच्युएंसी मैनेजर और पॉलिटिकल मीडिया मैनेजर के तौर पर युवाओं के लिए भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे। कॉन्स्टिच्युएंसी मैनेजर का काम तमिलनाडु में चुनाव क्षेत्रों में चुनाव प्रचार का प्रबंधन होगा, जबकि पॉलिटिकल मीडिया मैनेजर राजनीतिक कैंपेन के लिए मीडिया फीडबैक स्ट्रक्चर विकसित करेंगे। इससे पहले आईपीएसी ने आंध्र प्रदेश में इस तरह के आवेदन मंगाए थे। दो दिन पहले वाईएसआर कांग्रेस ने ऐलान किया था कि उन्होंने 2019 के चुनावों के लिए किशोर को 'कंसल्टेंट' के तौर पर नियुक्त किया है।

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 2021 में होने हैं, लेकिन जयललिता की मौत के बाद राज्य में राजनीतिक हालात अस्थिर हैं और एआईएडीमके एक 'बंटा हुआ परिवार' हो गया है। जयललिता की पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान राज्यों में शानदार सफलता हासिल की थी और 38 में से 37 सीटों पर जीत हासिल की थी। इसी तरह, 2016 के विधानसभा चुनाव में उसने कड़े मुकाबले में डीएमके को हराया और इस पार्टी को करुणानिधि की पार्टी से 1 फीसदी ज्यादा वोट मिले। स्टालिन की पार्टी को भी 2019 के आम चुनावों के लिए प्रोफेशनल मदद की दरकार हो सकती है।