'अपने फायदे के लिए पीएम मोदी से भी हाथ मिला सकते हैं केजरीवाल'

वाशिंगटन (24 मई): अक्सर विवादों से घिरे रहने वाले केजरीवाल के बेहद करीबी रह चुके प्रशांत भूषण ने केजरीवाल को 'पूरी तरह बेशर्म' बताया है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल अपने फायदे के लिए पीएम मोदी से भी हाथ मिला सकते हैं।

प्रशांत भूषण ने अमेरिका में कहा, 'केजरीवाल पूरे बेशर्म हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि जिस दिन उन्हें पीएम मोदी में कुछ फायदा दिखेगा, वे उनसे भी हाथ मिला लेंगे।' वे सोमवार की रात भारतीय-अमरिकी और भारतीय लोगों से बात करते हुए ये बातें कहीं।

भूषण की यह टिप्पणी पिछले एक साल के दौरान केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार और मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के बीच हुई तकरार को लेकर थी। गौरतलब है कि केजरीवाल और मोदी समय-समय पर एक दूसरे पर बयानों से तीखे बाण चलाते रहे हैं। 

आम आदमी पार्टी छोड़ने से पहले योगेंद्र यादव के साथ मिलकर स्वराज अभियान नाम के समूह का गठन करने वाले भूषण ने कहा कि उन्हें इस बात का पछतावा है कि केजरीवाल के लक्षण को लोग भांप नहीं पाए।

उन्होंने कहा, 'केजरीवाल ने लोगों को विश्वास जीतने के लिए मेरा और योगेंद्र यादव का फायदा उठाया। उसी समय उन्होंने सुनिश्चित किया कि पार्टी में उनके पास निर्णय लेने के लिए बहुमत है। ताकि वे अपने एजेंडे के साथ आगे जा सकें।'

एक सवाल का जवाब देते हुए भूषण ने कहा, 'केजरीवाल की भ्रष्टाचार से लड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है। वे अपने प्रति किसी भी बात के लिए जवाबदेही रखना नहीं चाहते हैं। मैंने आप विधायकों से संबंधित भ्रष्टाचार के कई केस सुने हैं।'

भूषण ने आगे कहा कि केजरीवाल के अंदर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह जैसे लक्षण हैं। वे खुद कभी पैसे नहीं लेते लेकिन अपने करीबियों को इसके लिए छूट दे रखी है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल की सरकार पूर्व कांग्रेस से भी बदतर है।

स्वराज अभियान के बारे में उन्होंने कहा कि अभी राजनीति के अखाड़े में कूदने के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं है। अभी कम से कम एक साल लगेंगे। उन्होंने कहा कि स्वराज अभियान के राजनीति में आने से पहले इस संगठन को खुद के सिद्धांतों (पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतंत्र) की स्थापना करनी होगी। हम दोबारा वो गलतियां नहीं करना चाहते जो 'आप' के केस में हुईं।