प्रशांत भूषण ने ऑगस्ता हेलीकॉप्टर डील में किया एक और खुलासा

प्रभाकर मिश्रा, नई दिल्ली (12 मई): ऑगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में आज फिर खुलासा बम फूटा। आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता प्रशांत भूषण ने ऑगस्ता घोटाले के तार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह से जोड़ दिया। प्रशांत भूषण के खुलासे से अब वीवीआईपी घोटाले पर कांग्रेस को घेरने वाली बीजेपी पर सवाल उठने लगे हैं। 

ऑगस्ता वेस्टलैंड के हेलीकॉप्टर ने पहले से ही हिंदुस्तान की राजनीति में खलबली मचा रखी ह। अब सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट और आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता प्रशांत भूषण ने ऑगस्ता हेलीकॉप्टर डील में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह का नाम भी जोड़ दिया है। जब ऑगस्ता हेलीकॉप्टर डील के बारे में खुलासा करने मीडिया के सामने प्रशांत भूषण आए। तो उनके साथ योगेंद्र यादव भी थे। 

प्रशांत भूषण का आरोप है कि एक ऑगस्ता हेलीकॉप्टर को छत्तीसगढ़ सरकार ने करीब 33 करोड़ रुपये में खरीदा। इसके लिए करीब 10 करोड़ रुपये की दलाली वसूली गयी। प्रशांत भूषण का आरोप है कि खरीद प्रक्रिया के दौरान नियम-कायदों की अनदेखी की गई। हेलीकॉप्टर की डील करने के लिए सिंगल वेंडर की छूट दी गई। 

प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव का आरोप है कि जिस कंपनी को कमीशन दिया गया वो कंपनी मुख्यमंत्री रमन सिंह के पते पर रजिस्टर्ड है। आरोप है कि छतीसगढ के व्यापारी शारदा बंधू की कंपनी जिसमें रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह काम करते हैं । प्रशांत भूषण के खुलासे के बाद से अब कांग्रेस को बीजेपी पर हमले के लिए नया हथियार मिल गया है, तो बीजेपी का जवाब भी तैयार है।

प्रशांत और योगेंद्र दोनों अब अगस्ता घोटाले की जांच की मांग कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी से  निकाले जाने के बाद से दोनों नेता लंबे अरसे से स्वराज अभियान चला रहे हैं और राजनीति में नई संभावनाएं तलाश रहे हैं।