पंचतत्व में विलीन हुए स्वामीनारायण संप्रदाय के प्रमुख स्वामी

अहमदाबाद (17 अगस्त): स्वामीनारायण संप्रदाय के प्रमुख स्वामी महाराज बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। संतों के श्लोक व मंत्रोच्चार के बीच हिंदू रीति-रिवाजों से उनका अंतिम संस्कार हुआ।

सारंगपुर के स्वामीनारायण मंदिर में दोपहर 12 बजे से स्वामीजी के अंतिम संस्कार की विधि शुरू हुई थी। अग्निदाह से पहले स्वामीजी की पालकी यात्रा निकाली गई। बता दें कि बोचासणवासी अक्षरपुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्थान (बीएपीएस) के प्रमुख स्वामी महाराज शांतिलाल पटेल जी का 95 वर्ष की उम्र में 13 अगस्त को निधन हो गया था।

अंतिम संस्कार में चंदन की लकड़ियों के इस्तेमाल पर थी मनाही... -प्रमुख स्वामीजी की इच्छा के मुताबिक, उनका अग्निदाह चंदन की लकड़ियों से नहीं किया जाए। अग्निदाह में सामान्य लकड़ियों का ही इस्तेमाल होगा। वे नहीं चाहते थे कि उनके अंतिम संस्कार में चंदन की लकड़ियां इस्तेमाल में लाई जाएं। - चंदन की एक लकड़ी प्रतीक के रूप में रखी गई। मंदिर परिसर में लाखों की संख्या में लोग जमा थे। - महंतस्वामी साधु केशवजीवनदासजी ने अग्निदाह दी। वे ही बीएपीएस के छठवें मुखिया बने हैं।

मोदी समेत करीब 20 लाख लोगों ने किए अंतिम दर्शन... -तीन दिन में नरेंद्र मोदी समेत 20 लाख लोग स्वामी के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। - पीएम के अलावा गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने सोमवार को सारंगपुरधाम में स्वामीजी के अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की थी। - दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल, भैयाजी जोशी, गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल समेत अनेक लोग मंगलवार को अंतिम दर्शन को पहुंचे। - बुधवार को अमित शाह, अरुण जेटली और लालकृष्ण आडवाणी, अनिल अंबानी जैसी हस्तियां भी पहुंची।