सभी पेरेंट्स को पढ़नी चाहिए बेटी दीपिका के नाम प्रकाश पादुकोण की ये चिट्ठी...

नई दिल्ली (6 मई): पूर्व बैडमिंटन प्लेयर और कोच प्रकाश पादुकोण ने अपनी बेटियों एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण और गोल्फर अनीशा पादुकोण के नाम एक चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में उन्होंने अपनी बेटियों के लिए बेहद प्यार के साथ जिंदगी के कई जरूरी सबक लिखे हैं। जिन्हें पढ़कर आपकी आंखें नम हो जाएंगी।

इस चिट्ठी को लेखिका सुधा मेनन ने अपनी किताब 'Legacy: Letters From Eminent Parents To Their Daughters' में प्रकाशित किया है। 

चिट्ठी में प्रकाश पादुकोण मॉडर्न पेरेंट्स को सलाह दी है कि वह अपने बच्चों को अपने मन की चीजें करने की पूरी छूट दें। उन्हें वह जरूर करने दें जो वे दिल से करना चाहते हैं। इससे ज्यादा भूमिका बताए बिना चलिए आप खुद ही पढ़ लीजिए, क्या कहते हैं प्रकाश पादुकोण अपनी बेटियों से-

"डियर दीपिका, अनीशा,

क्योंकि तुम अपनी जिंदगी के सफर की दहलीज पर खड़ी हो। मैं तुमसे कुछ सबक साझा करना चाहता हूं, जो मैंने अपनी जिंदगी में सीखे हैं। 

जब मैं वापस देखता हूं, मुझे एहसास होता है कि मेरे बचपन और युवा होने के सालों में सबसे अहम चीजें थी- जिंदगी के बारे में बहुत सारी चीजों के लिए शिकायत ना करना। आप जो भी करने का चुनाव करें, कर्मठता, कठिन मेहनत, लगन और पैशन का कोई विकल्प नहीं है। अगर आप जो करते हैं उसे प्यार करते हैं, तो कुछ और मैटर नहीं करता। ना ही अवार्ड्स, ना ही कम्पेन्सेशन ना ही न्यूजपेपर्स और टीवी पर अपना चेहरा देखने का संतोष।

दीपिका, हम जानते हैं कि तुम फिल्म इंडस्ट्री में हो। क्योंकि तुम इसे बेहद प्यार करती हो। जिंदगी के शुरुआती दिनों में ही जब तुम छोटी थीं, 9-10 साल की, हम जानते थे कि तुम मॉडलिंग और आर्क-लाइट्स के लिए बनी हो। तुम नैचुरल थीं। यहां तक कि जब तुम 18 की हुईं, तुमने हमें अपने कैरियर के लिए मॉडलिंग के लिए मुंबई शिफ्ट करने की इच्छा जताई। हमें ये फैसला करने में देरी और मुश्किल नहीं हुई। आखिर हमने फैसला किया कि तुम अपने दिल की सुनो। जैसे मेरे पिता ने मुझे उतने साल पहले सिखाया था, कि खुलकर पूरी तरह से जिंदगी जीना क्या होता है?

मैं खुशकिस्मत था कि मेरे पिता ने मुझे एक खेल के मेरे पैशन के लिए पूरी आज़ादी दी। जो पैसे बनाने के लिए भी काफी मुश्किल होता था। उनकी मंजूरी ने मेरी जिंदगी बदल दी। अगर उन्होंने मुझे फोर्स किया होता, मैं एक परेशान औसत दर्जे का इंजीनियर होता, जो हमेशा जिंदगी की जद्दोजहद में ही फंसा होता।

जब तुम्हारे लिए अपने फ्यूचर के लिए फैसला करने का वक्त आया। हमने सोचा कि यह बेहद निर्दयतापूर्ण होगा कि हम अपने बच्चों को अपने ख्वाब पूरे करने का मौका ना दें। जिसके लिए वह जीती है। अगर तुम सफल होगी तो हमें गर्व होगा। और अगर तुम नहीं होगी तो तुम्हें कोई निराशा नहीं होगी कि तुमने कोशिश नहीं की।

पिछले कुछ सालों में हमने तुम्हें एक मैच्योर यंग वुमैन बनते देखा है। जो हर बात का ध्यान रखती है। शायद ऐसा इसलिए है क्योंकि तुम्हारे रास्ते में जिम्मेदारियां काफी कम उम्र में ही आ गईं। कभी कभी पेरेंट्स अपने बच्चों की क्षमता को कम आंकते हैं। ये मुझे अपने दूसरे भरोसे की ध्यान दिलाता है... आप या तो अपने काम को पसंद कर सकते हैं, या आप अपने काम को लेकर पैशनेट हो सकते हैं। अगर आप अपने काम को पसंद करते हैं, तो आप केवल एक औसत खिलाड़ी बन सकते हैं। लेकिन अगर आप अपने काम को प्यार करते हैं तो पूरा चांस है कि आप इसमें एक्सेल करेंगे। तब, कोई भी मेहनत, त्याग अपने लक्ष्य को पाने के लिए बहुत ज्यादा नहीं होगी।

...... डियर दीपिका, तुम एक ऐसी इंडस्ट्री में हो। जहां काफी नकारात्मकता है। लेकिन मुझे यकीन है कि तुम गेमचेंजर साबित होगी। अगर तुम जिंदगी में बिना किसी को नुकसान पहुंचाए, किसी के बारे में बुरा नहीं बोलती। तो तुम एक उदाहरण पेश कर सकती हो। तुम्हें अक्सर लोग मिलेंगे जो झूठ बोलेंगे। तुम्हारे बारे में गलत कहेंगे। लेकिन याद रखना कभी बदले में उनकी भाषा मत बोलना। अगर उनका कहना गलत है तो उसे इग्नोर कर देना। अगर सच है तो उनकी आलोचना को खुद को बदलने और सुधारने में स्वीकार करना।

जिंदगी में रिश्ते, ईमानदारी और पेरेंट्स और बड़ों के लिए आदर ऐसी चीजें हैं, जो सच में अहम होती हैं। मैटीरियल सक्सेस जरूरी है। लेकिन यह खुशी और मन की शांति के लिए बुनियादी नहीं है।... आखिर में... जब आपका करियर आपके पीछे होता है, तो जो लोग आपके साथ होते हैं वो हैं- आपका परिवार और दोस्त। एक स्वस्थ जिंदगी जिओ मेरे बच्चों। यही आपको अपनी अंतर्रात्मा के साथ रहने के लिए मदद करेगा। इसके अलावा हर चीज़ क्षणिक है। और हां, कुछ भी हो जाए, हम हमेशा तुम्हारे साथ हैं।

प्यार के साथ, पापा"