'प्रचण्ड' हुए मजबूत, सीपीएन-आरएम सहित अन्य दल विलय को राजी

नई दिल्ली (15 मई): यूसीपीएन-एम (यूनाइटेड कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी)में विलय के मुद्दे पर सीपीएन-आरएम में दो फाड़ हो गये हैं। विलय समर्थकों ने मोहन वैद्या को बाहर का रास्ता दिखाते हुए राम बहादुर थापा को अपना अध्यक्ष चुन लिया है। सीपीएन-आरएम के प्रवक्ता पम्फा भुसाल ने बताया कि कोऑर्डिनेशन कमेटी की मीटिंग में सदस्यों ने राम बहादुर थापा को अपना अध्यक्ष चुना और मोहन वैद्या को पार्टी के अध्यक्ष पद से हटा दिया है। भुसाल ने बताया कि यह कदम वैद्या के उस बहुमत के खिलाफ कोऑर्डिनेशन कमेटी की मीटिंग स्थगित करने के फैसले के बाद उठाया गया। भुसाल ने यह भी बताया कि सीपीएन-आरएम और यूसीपीएन-एम में विलय के 13 आधार निर्धारित किये गये हैं।

]उन्होंने कहा कि 190 सदस्यों वाली कोऑर्डिनेशन कमेटी के 130 सदस्य आज की मीटिंग में शामिल थे। मोहन वैद्या ने पार्टी के विभाजन को स्वीकार करत हुए कहा कि थापा समर्थक लोग अवसरवादी और तथाकथित सुधारवादी हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विलय प्रक्रिया नेपाल की कम्युनिस्ट मूवमेंट की क्रांतिकारी विचार धारा को समाप्त करने का कुचक्र है। दूसरी ओर यूसीपीएन-एम के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचण्ड ने सीपीएन-एम के  विलय सभी तेरहों आधारों परनसहमति व्यक्त की और उन्हें अनुमोदित कर दिया है। प्रचण्ड ने कहा कि समान विचारधारा वाली पार्टियों के विलय की घोषणा 19 मई को की जायेगीष विलय प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाने के लिए उनकी पार्टी के नेता, राम बहादुर थापा, मात्रिका यादव और मणि यादव के दलों के साथ संयुक्त बैठक करेंगे।