एक और झटका देने की तैयारी में सरकार, 7% हो सकती है पीपीएफ पर ब्याज दर

नई दिल्ली(23 दिसंबर): ईपीएफ पर मिलने वाली ब्याज दर में कटौती के बाद पीपीएफ और अन्य स्मॉल सेविंग्स स्कीम पर मिलने वाली ब्याज दरों में भी कमी की जा सकती है।

- गोपीनाथ कमेटी ने अपने फॉर्मूले में इसकी सिफारिश की है।

- कमेटी ने इन सेविग स्कीम की ब्याज दरों को सरकार के बांड से मिलने वाले रिटर्न से जोडऩे का सुझाव दिया है। अगर सरकार कमेटी की सिफारिशों को मान लेती है तो पीपीएफ की दर में एक फीसदी तक की कमी आ सकती है। फिलहाल इस पर 8 फीसदी ब्याज दर मिलती है।

- गोपीनाथ पैनल के अनुसार, स्कॉल सेविंग्स स्कीम्स पर मिलने वाली ब्याज दरें इसी मैच्युरिटी के सरकारी बांड से मिलने वाली रिटर्न से थोड़ी अधिक है। पीपीएफ पर मिलने वाला ब्याज औसतन 10 साल के सरकारी बांड पर मिलने वाले रिटर्न से 25 बेसिस प्वाइंट अधिक है।

-10 साल के सरकारी बांड पर मिलने वाला रिटर्न कम होकर 6.5 फीसदी हो गया है और पिछले तीन महीनों के दौरान कुल मिलाकर 7 फीसदी से कम ही रहा है। ऐसे में संभावना बन रही है कि पीपीएफ रेट भी जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान कम होकर 7 फीसदी के आसपास आ सकती है।