इंसानियत हुई शर्मसार, खुले आसमान के नीचे हुआ पोस्ट मार्टम

नई दिल्ली ( 6 फरवरी ): राजस्थान में इंसानियत एक बार फिर से शर्मशार हो गयी है। राज्य के अलवर जिले के डॉक्टरों ने एक लाश का खुले पोस्टमार्टम कक्ष की बजाय आसमान के नीचे ही पोस्ट मार्टम कर दिया। पूछने पर डॉक्टरों ने बेशर्मी से यह झूठा बयान दे दिया की उनके पास मोर्चुरी है ही नहीं और लाश को उसके परिजनों तक वक्त पर देने के लिए ही उन्होंने खुले में चीरफाड़ शुरू कर दी। शायद आप यह सुनकर और भी हैरान रह जायेंगे की देश के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने ही इस अस्पताल का उद्घाटन किया था।

मृतक ओमपाल के परिजनों ने बताया कि बीती रात को बारात में जाने की कहकर घर से निकले थे, लेकिन सुबह तक घर नहीं लौटे। किसी ने फोन पर सूचना दी कि ओमपाल का शव कस्बे की धर्मशाला के पीछे पड़ा है। मृतक ओमपाल शराब का आदि थे और कहा जा रहा है की ज्यादा शराब पीने की वजह से उसकी धर्मशाला से नीचे गिरकर मौत हो गई।

पुलिस ने मर्तक का शव बर्डोद अस्पताल में पोस्ट मार्टम के लिए ले गई, लेकिन वहां का नजारा कुछ और ही मिला। पुलिस की मौजूदगी में खुले आसमान के नीचे मृतक का पोस्ट मार्टम हुआ।

जानकारों की माने तो करीब तीस साल से मोर्चरी बनी हुई है लेकिन डाक्टर्स की मनमानी के चलते खुले आसमान के नीचे आये दिन ये सब होता है।