NSG में भारत की दावेदारी का समर्थन करेगा रूस

नई दिल्ली(19 जून): एनएसजी में भारत की सदस्यता को लेकर रुस ने अपना समर्थन दिया है। रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन का कहना है क‍ि इस ग्रुप में भारत की एंट्री को लेकर वह काफी सकारात्‍मक हैं।

आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन से फोन पर बात की थी और उनसे इस मुद्दे पर समर्थन मांगा था। एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम से इतर पुतिन से बात कर इस बारे में खबर दी है।

बातचीत में पुतिन ने इस बात का खुलासा किया कि एनएसजी में भारत की एंट्री के मुद्दे पर रूस ने चीन से ईमानदारीपूर्वक बात की है। उन्‍होंने कहा कि सोल में जब इससे जुड़ा प्रस्‍ताव आएगा तो चीन की तरफ से उठाई गईं आपत्तियों के समाधान को लेकर रूस काफी सकारात्‍मक है। सोल में इस मुद्दे पर आगामी सोमवार को बैठक होगी। पुतिन ने एनएसजी में भारत की दावेदारी का समर्थन करते हुए कहा, 'रूस परमाणु से जुड़े सभी मुद्दों पर भारत के साथ सहयोग करता आ रहा है, लेकिन वह ऐसा अंतरराष्‍ट्रीय कानूनों के दायरे में रहकर करता है। हमारा मानना है कि इतनी बड़ी आबादी वाले भारत में आर्थिक समस्‍याएं हैं और ऊर्जा से जुड़ी कई चुनौतियां हैं। इसलिए, भारत को दूसरे देशों की जमात में नहीं रखा जा सकता है। हमें जहां अंतरराष्‍ट्रीय कानूनों के दायरे में रहकर काम करना होता है, वहीं हमें भारत के हितों को सुनिश्चित करने और उनको समर्थन देने के सभी मौकों को देखना चाहिए।'

जब उनसे पूछा गया कि क्‍या उन्‍होंने चीनी राष्‍ट्रपति शी चिनफिंग से इस बारे में बात की है और भारत की दावेदारी का विरोध नहीं करने के लिए मनाया है तो पुतिन ने कहा, 'हमने अपने चीनी दोस्‍तों के साथ इन मुद्दों पर काफी ईमानदारीपूर्वक बातचीत की है और हमारे बीच कोई राज नहीं है। हमारे पत्‍ते खुले हुए हैं। हमने एनएसजी के सभी सदस्‍य देशों की चिंताओं को ध्‍यान में रखना होगा। उन चिंताओं का हल निकल सकता है लेकिन हमें काफी सावधानी से आगे बढ़ना होगा।'