पंजाब यूनिवर्सिटी में पढा सकेंगे पूर्व पीएम मनमोहन सिंह

नई दिल्ली(25 अक्टूबर): पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पंजाब यूनिवर्सिटी में एक प्रतिष्ठित दायित्व संभाल सकते हैं, जहां से उन्होंने इकनॉमिक्स में पोस्ट ग्रैजुएशन की पढ़ाई पूरी की थी। यूनिवर्सिटी ने उन्हें यह दायित्व संभालने की पेशकश की थी और इस बारे में लाभ के पद संबंधी संयुक्त समिति द्वारा लोकसभा अध्यक्ष को सौंपी रिपोर्ट में कहा गया है कि संसद सदस्य रहते यह पद लाभ के पद के दायरे में नहीं आता।

विश्वविद्यालय की ओर से जवाहर लाल नेहरू चेयर प्रफेसरशिप की पेशकश मिलने के बाद मनमोहन सिंह ने जुलाई में राज्यसभा के सभापति से सम्पर्क किया था और उनसे यह राय मांगी थी कि इस पेशकश को स्वीकार करने से क्या लाभ के पद संबंधी संविधान के अनुच्छेद 102 (ए) के प्रावधानों के तहत आयोग्य तो घोषित नहीं किए जाएंगे? पूर्व पीएम मनमोहन सिंह असम से राज्यसभा सदस्य हैं।

इस पर संबंधित संसदीय समिति ने गुरुवार को फैसला किया कि सांसद रहते हुए अस्थायी शिक्षण से संबंधित कार्यों को लाभ के पद के दायरे में नहीं माना जा सकता। पैनल के प्रमुख भाजपा सांसद सत्य पाल सिंह ने कहा कि हमने इस बारे में स्थिति साफ कर दी है। मनमोहन सिंह के द्वारा किए जाने वाले शिक्षण के काम को लाभ के पद के दायरे में नहीं लाया जाएगा। पैनल ने इस मामले में मानव संसाधन विकास मंत्रालय और कानून मंत्रालय से राय मांगी थी। वहां से लिखित प्रतिक्रिया मिलने के बाद में यह फैसला कर दिया गया। सूत्रों ने बताया कि मनमोहन सिंह को डेली अलाउंस के रूप में 5000 रुपए दिए जाएंगे, जो कि फिक्स्ड सैलेरी नहीं है। उनका पद भी स्थाई नहीं है इसलिए यह काम लाभ के पद के दायरे में नहीं आएगा।

गौरतलब है कि पंजाब यूनिवर्सिटी ने इस साल अप्रैल में घोषणा की थी कि पूर्व पीएम मनमोहन यूनिवर्सिटी में खाली पड़े जवाहर लाल नेहरू चेयर को हेड करेंगे। सिंह ने यूनिवर्सिटी की इस पेशकश को स्वीकार भी कर लिया था। पूर्व पीएम सिंह ने पंजाब यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में 1954 में एमए किया था और 1957 में बतौर प्रवक्ता अपने करियर की शुरुआत की थी। वह 1963 में यहीं प्रोफेसर बने। आरबीआई के गवर्नर और दस साल तक देश के प्रधानमंत्री बनने के बाद अब वह फिर से पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रों को पढ़ाएंगे।