'यहां बच्चों के स्कूल सिलेबस में शामिल हैं PORN फिल्में'

नई दिल्ली (24 अप्रैल):  दुनिया भर के स्कूलों में जहां यौन शिक्षा को स्कूल सिलेबस में शामिल करने पर अभी बहस जारी है , वहीं डेनमार्क में 1970 से ही यौन शिक्षा स्कूली पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा है और कई स्कूलों के पाठ्यक्रमों में पॉर्न को शामिल भी कर लिया गया है। ‘द गार्जियन’ के मुताबिक आलबोर्ग विश्वविद्यालय के प्रोफेसर क्रिस्चियन ग्रेगार्ड ने है कि पॉर्न बच्चों को पारिवारिक जीवन में कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदार बनाने में मददगार साबित हो सकती है। इसलिए देश के सभी स्कूलों में यौन शिक्षा के तहत पॉर्न फिल्म शामिल किया जाना चाहिए।

बच्चे पॉर्न तथा वास्तविक जीवन के यौन संबंध के बीच के अंतर को ज्यादा अच्छी तरह समझ सकते हैं। ग्रेगार्ड ने कहा, ”मेरा सुझाव है कि अच्छी तरह प्रशिक्षित शिक्षकों की मदद से आठवीं और नौवीं कक्षा के बच्चों के साथ संवेदनात्मक शिक्षाप्रद तरीके से पॉर्न पर गंभीर बहस की जानी चाहिए। प्रोफेसर ग्रेगार्ड ने कहा है कि तमाम रिसर्च आ चुके हैं कि अधिकांश बच्चे कम उम्र से ही पॉर्न से परिचित हो चुके होते हैं। इसका मतलब यह है कि आप उन्हें कक्षा में पहली बार पॉर्न नहीं दिखाएंगे। इसलिए इस पर कुछ लोगों की आपत्ति नाजायज़ है। डेनमार्क दुनिया का पहला देश है, जिसने 1967 में सबसे पहले पॉर्न से प्रतिबंध हटा लिया था।