आर्थिक विकास के लिए खतरनाक है लोकलुभावन राष्ट्रवाद: रघुराम राजन

नई दिल्ली ( 27 नवंबर ): रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के पुर्व गवर्नर रघुराम राजन ने रविवार को कहा कि लोकलुभावन राष्ट्रवाद आर्थिक विकास के लिए हानीकारक है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर यह बहुसंख्यक समुदाय में भेदभाव को लेकर उन्हें उत्तेजित करता है। लोग शिकायत की इस भावना का फायदा उठाते हैं। देश में आरक्षण का मुद्दा इसका एक उदाहरण है। लोकलुभावन राष्ट्रवाद का मिथ्या दुनियाभर में है और भारत इससे बचा हुआ नहीं है।

राजन ने कहा कि लोकलुभावन राष्ट्रवाद आर्थिक विकास को नुकसान पहुंचाता है। ये अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक है, क्योंकि ये बांटनेवाला है। यह भेदभाव को लेकर बहुसंख्यक कम्युनिटी में सनसनी फैलाता है। यह भारत सहित पूरी दुनिया में है। लोग शिकायत की इस भावना का फायदा उठाते हैं। देश में आरक्षण का मुद्दा इसका एक उदाहरण है।

उन्होंने कहा, यह महत्वपूर्ण है कि नौकरियों की समस्या को सुलझाया जाए। बहुसंख्यक कम्युनिटी की शिकायतों को बढ़ा-चढ़ा कर नहीं कहा जा सकता, क्योंकि अल्पसंख्यक काफी समय से भेदभाव का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, राष्ट्रवाद देशभक्ति नहीं है, क्योंकि ये बांटता है जो कि खतरनाक है। फिर भी उन लोगों को खारिज करना गलत है जो इन चीजों पर आवाज बुलंद करते हैं। उन्हें गंवार के रूप में खारिज कीजिए।