पोप फ्रांसिस ने मुस्लिम रिफ्यूज़ियों के पैर धोये और चूमे

नई दिल्ली (25 मार्च): कैथोलिक ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस ने ईस्टर के मौके पर मुस्लिम, हिन्दू और कैथोलिक शरणार्थियों के पैर धोए और चूमे। उन्होंने कहा कि सभी इंसान एक ही ईश्वर की संतान हैं। उन्होंने भाईचारे की ये मिसाल ऐसे समय में दी है जब ब्रुसेल्स हमलों के बाद यूरोप में मुस्लिम और शरणार्थी विरोधी भावनाएं प्रबल हो रही हैं। पोप फ्रांसिस ने कहा कि हथियार उद्योग लोगों को खून का प्यासा बना रहा है।

उन्होंने यह बात ईस्टर वीक मास के दौरान रोम के बाहर कैसेलनोवो डि पोर्टो में एक मायग्रेंट्स कैंप में कहीं। पोप ने अलग-अलग धर्मों के रिफ्यूजीज के पैर धोए और उन्हें चूमा। कैम्प में पोप के आने पर अलग-अलग लैंग्वेज में वेलकम लिखा बैनर लहराया गया था।