'पायलट और एटीसी की कमजोर अंग्रेजी की वजह से हो रहे हैं हादसे'


नई दिल्ली(5 अप्रैल): कमजोर अंग्रेजी के बावजूद नकल और धोखाधड़ी के जरिए अंग्रेजी की परीक्षा पास करने वाले पायलटों की वजह से यात्रियों की जान खतरे में है। यह बात ब्रिटेन की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने अपनी समीक्षा रिपोर्ट में कही है।


- ब्रिटेन में भाषा की दिक्कत की वजह से पिछले डेढ़ साल में 267 विमान हादसे हो चुके हैं।


- रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 18 महीने में ब्रिटेन के आसमान में सैकड़ों बार संवाद में गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं। एक घटना में मिडलैंड्स हवाई अड्डे पर पायलट ने बिना अनुमति के विमान को रनवे पर खड़ा कर दिया था। इसी तरह मैनचेस्टर हवाई अड्डे पर बीच हवा में भाषा की समझ में कमी के कारण पायलट को दायें और बायें में संशय हो गया था।


- सीएए ने इस तरह के खतरों पर स्वतंत्र समीक्षा कराई थी। समीक्षा में पाया गया कि भाषा की नासमझी के कारण देश में और देश के बाहर भी गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा है। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान ब्रिटेन में कुल 267 ऐसे मामले सामने आए, जिनके पीछे भाषा की समस्या थी।


- रिपोर्ट में कहा गया कि परीक्षा में नकल और भ्रष्टाचार भी इस समस्या के लिए जिम्मेदार हैं। कुछ विदेशी लोगों को परीक्षा की बजाय केवल पहचान के दम पर अच्छी अंग्रेजी बोलने का प्रमाण पत्र मिल गया। कुछ ऐसे मामले भी सामने आए, जिनमें व्यक्ति सिर्फ 10 दिन की पढ़ाई से ही परीक्षा पास कर गया। कुछ पायलट तो ऐसे हैं जिनकी अंग्रेजी बेहद कमजोर निकली।


- रिपोर्ट में कहा गया कि हवाई सफर करने वालों के हित में जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय उड्डयन क्षेत्र में काम करने वाले सभी पायलटों और नियंत्रकों को मानक अंग्रेजी का ज्ञान हो। अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में काम करने, पायलट बनने और नियंत्रक बनने के लिए अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संस्थान (आइसीएओ) से अंग्रेजी में लेवल-4 की शिक्षा जरूरी होती है। लेकिन रिपोर्ट में बहुत से पायलटों और नियंत्रकों को अयोग्य पाया गया।