कहीं आपकी किडनी भी... ! बड़े शहरों में रहते हों तो तुंरत करायेंं चैक-अप

नई दिल्ली (1 जुलाई): अभी तक आम धारणा थी कि जो लोग तादाद से ज्यादा शराब पीते हैं उनका लिवर (यकृत)और गुर्दे (किडनी) खराब हो जाते हैं, लेकिन अब जो लोग बड़े शहरों में या उनके आस-पास रह रहे हैं, भले ही वो शराब पीते हो या नहीं उनके भी गुर्दे खराब हो सकते हैं। डॉक्टरों की एक नई रिसर्च से खुलासा हुआ है कि धूल-धुआं और जहरीली गैसों से घुली शहरी हवा सांस के साथ शरीर के अंदर जाकर 'मेम्ब्रेनस नेफ्रोपैथी' यानी किडनी को नुकसान पहुंचाती है। 

लगातर दूषित हवा सांस के अंदर जाते रहने से किडनी फेल हो जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि इससे पहले के जितने भी शोध हुए थे उनसे सिर्फ सांस और दिल की बीमारियां ही होती हैं,लेकिन नये शोध से मिली जानकारियों ने मेडिकल साइंटिस्ट और एनवारंमेटल साइंटिस्ट की नींद उड़ा दी है।

इसमें सबसे खतरनाक बात यह है कि 'मेम्ब्रेनस नेफ्रोपैथी'यानी दूषित हवा से किडनी खराब होने की ये बीमारी बच्चों से लेकर बूढ़ों तक सबको एक जैसा असर डालती है। जर्नल ऑफ अमेरिकन सोसायटी ऑफ नेफ्रोलॉजी ने कहा कि अभी सिर्फ चीन में स्टडी की गयी है, लेकिन अगला नम्बर भारत का है, क्यों कि चीन के बाद सबसे ज्यादा जनसंख्या घनत्व और प्रदूषित देशों में भी भारत सबसे ऊपर है।