मालदीव में बड़ा राजनीतिक संकट, सुप्रीम कोर्ट ने भारत से मांगी मदद

नई दिल्ली ( 5 फरवरी ): मालदीव में बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानने से इंकार कर दिया है। इसके बाद सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने जहां अपने आदेश अमल करने को कहा है, वहीं सरकार ने पुलिस और सेना को आदेश दिया है कि वे राष्ट्रपति की गिरफ्तारी या उन पर महाभियोग चलाने के आदेश को मानने से इंकार कर दें। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भारत समेत सभी लोकतांत्रिक देशों से देश में कानून का शासन बनाए रखने में मदद मांगी है।

आपको बता दें कि चीफ जस्टिस अब्दुल्ला सईद ने सरकार की तरफ से दाखिल की गई पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है। चीफ जस्टिस ने साफ कहा है कि सरकार को बिना पुनर्विचार की मांग किए ही आदेश को मानना होगा। इससे देश में सरकार और न्यायपालिका के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। 

चीफ जस्टिस ने आरोप लगाए हैं कि उन्हें तथा साथी जज अली हामिद और जूडिशल ऐडमिनिस्ट्रेटर हसन सईद को अज्ञात लोगों से धमकियां मिल रही हैं और वे रात कोर्ट में ही बिताएंगे। इसके बाद सेना और पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया है। उधर, राष्ट्रपति यामीन से नाराज लोग सड़कों पर उतर आए हैं और उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।