कन्हैया ने नहीं लगाए थे देशविरोधी नारे, अतिउत्साह में दर्ज किया गया केस!

नई दिल्ली(17 परवरी): जेएनयू कांड में गिरफ्तार कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी में बड़ा खुलासा हुआ है। गृहमंत्रालय के सूत्रों के हवाले से पीटीआई की खबर है कि कन्हैया ने देशविरोधी नारे नहीं लगाए थे।

सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय मानता है कि अति उत्साह में कन्हैया के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज किया गया। वहीं अब इस मामले में दिल्ली पुलिस के दावों पर सवाल उठ रहे हैं। कमिश्नर बीएस बस्सी ने दावा किया था कि उनके पास कन्हैया के खिलाफ पुख्ता सबूत है।

बता दें कन्हैया कुमार के खिलाफ देशद्रोह का आरोप लगाया गया है, जिसमें अधिकतम उम्रकैद की सजा का प्रावधान है। दिल्ली पुलिस के प्रमुख बीएस बस्सी और केंद्र सरकार ने इस छात्र नेता की गिरफ्तारी को सही ठहराया है। कन्हैया की गिरफ्तारी को लेकर प्रतिष्ठित जेएनयू और अन्य परिसरों के छात्रों और शिक्षकों में काफी रोष है। विपक्ष भी इस मुद्दे पर एकजुट है और उनका कहना है कि इससे विरोध की आवाजों को कुचलने का सरकार के इरादे का पर्दाफाश हो गया है।

पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक जेएनयू परिसर में 9 फरवरी को एक पुलिसकर्मी ने एक पोस्टर देखा, जिसमें संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी के विरोध में एक रैली में भाग लेने के लिए छात्रों से कहा गया था। जेएनयू के अधिकारियों को संभावित अशांति के बारे में चेतावनी दी गई, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस कार्यक्रम को इजाजत देने से इनकार कर दिया।

हालांकि इसके बावजूद कन्हैया कुमार जैसे छात्र कथित रूप से एक लोकप्रिय ढाबे पर जमा हो गए। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक 'वाम समर्थित छात्र गुटों' ने वहां भारत विरोधी नारे लगाए। कन्हैया फिलहाल पुलिस हिरासत में है। उसकी गिरफ्तारी के बारे में जो रिपोर्ट है, उसका विवादित कार्यक्रम के वीडियो से कोई लेना-देना नहीं है। फिलहाल सोशल मीडिया पर उसके भाषण के फुटेज हैं, जिसमें भारत विरोधी बयान नहीं हैं। हालांकि पुलिस कमिश्नर बस्सी का कहना है कि कन्हैया के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं।