मेरठ में बिल्डर के ऑफिस से 25 करोड़ की पुरानी करेंसी बरामद, 4 गिरफ्तार

मेरठ (30 दिसंबर): शुक्रवार को मेरठ पुलिस ने एक बिल्डर के कार्यालय पर छापा मारकर 25 करोड़ के 1000 व 500 की प्रतिबंधित करंसी बरामद की। इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक व्यक्ति दिल्ली स्थित प्रवीन माहेश्वरी कंपनी में काम करता है जो पुराने नोट बदलने के धंधे में लगी है। हालांकि मुख्य आरोपी बिल्डर संजीव मित्तल पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका है।

मेरठ पुलिस को सूचना मिली थी कि दिल्ली के एक व्यक्ति के जरिए कमीशन पर पुराने नोट बदलने का सौदा तय हुआ है। एसएसपी मंजिल सैनी ने इस सटीक सूचना के बाद थाना कंकरखेड़ा प्रभारी दीपक शर्मा के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। दीपक शर्मा के मुताबिक वह पिछले तीन दिन से सर्विलांस के जरिए पुख्ता सबूत जुटा रहे थे। शुक्रवार मिली एक सूचना के बाद पुलिस ने दिल्ली रोड स्थित राजकमल एनक्लेव में बिल्डर संजीव मित्तल के कार्यालय पर छापा मारा। पुलिस ने बिल्डर के कार्यालय से चार लोगों को हिरासत में लिया।

एसपी (सिटी) मान सिंह चौहान के बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि दिल्ली के एक व्यक्ति के जरिए कमीशन पर पुराने नोट बदलने का सौदा किया जा रहा है. पुलिस पिछले 10 दिन से इंटरसेक्शन सर्विलांस और अन्य माध्यम से इस पर नजर बनाए हुए थे। 

उन्होंने बताया कि शुक्रवार की दोपहर में सटीक सूचना पर कंकरखेड़ा इंस्पेक्टर दीपक शर्मा ने दिल्ली रोड पर राजकमल एन्क्लेव में मंदिर के सामने स्थित प्रॉपर्टी डीलर संजीव मित्तल के कार्यालय पर छापा मारा. ऑफिस के भीतर प्लास्टिक के 10 बैग में तकरीबन 25 करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी (1000-500 रुपये के नोट) रखी हुई थी। पुलिस ने सौदा कराने वाले दिल्ली के व्यक्ति सहित चार आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया है. पुलिस का दावा है कि नोटबंदी के बाद से अब तक की यह सबसे बड़ी रिकवरी है।

एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ चल रही है. एसएसपी ने कहा कि पूछताछ के बाद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस संजीव के सभी ठिकानों पर छापेमारी कर जांच कर रही है।