शांत नहीं हो रहा कश्मीर, पुलवामा में पुलिस चौकी को जलाया

श्रीनगर (12 जुलाई): घाटी में हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद 6 दिन से हिंसा जारी है। सरकार उपद्रवियों से शांति की अपील कर रही है, लेकिन उनपर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। आज पुलवामा जिले में दंगईयों ने एक पुलिस चौकी को आग के हवाले कर दिया।

हालांकि इस घटना में किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। इस हिंसा में श्रीनगर दूसरी जगहों के मुकाबले सबसे कम प्रभावित हुआ है, लेकिन यहां सड़कों पर सन्नाटा है। लाल चौक की दुकानों के शटर गिरे हुए हैं। सैलानियों से पटी रहने वाली डल झील सूनी पड़ी है। तीसरे दिन भी पेट्रोल पंप बंद हैं, जिससे लोगों को काफी दिक्कत हो रही है।

हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि जो दुकाने रात आठ बजे तक खुली रहती थीं, उनके शटर गिरे हुए हैं। सड़कें बंद होने के कारण ज़रूरत के बुनियादी सामान भी नहीं पहुंच रहे हैं। मरीज़ों को दवाओं की भी शॉर्टेज हो रही है, लोग परेशान हैं कि करें तो क्या करें।

बच्चों की ज़रूरत के सामान भी दुकानों से खत्म हो रहे हैं। मुश्किल से खाने-पीने की चीज़ें लोगों को मिल पा रही हैं। एक तरफ जहां खाने पीने की चीज़ों की किल्लत हो गई है, वहीं दूसरी तरफ अस्पतालों में मरीज़ों की संख्या बढ़ती जा रही है। अस्पताल में करीब 800 मरीज़ों का इलाज चल रहा है, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है।   श्रीनगर के आसपास के इलाकों में पत्थरबाज़ी हो रही है, जिसमें पत्रकारों को भी निशाना बनाया जा रहा है। अलगाववादियों ने बंद और विरोध की तारीख बढ़ाकर 13 जुलाई तक कर दी है, जिससे घाटी के हालात और भी खराब हो गए हैं।