अच्छे दिनः पुलिस की घूसखोरी बंद, समय पर काम न करने पर भरना पड़ेगा जुर्माना!

नई दिल्ली (2 अप्रैल):घूसखोरी के लिए बदनाम पुलिस वाले क्या किसी को अपनी जेब से पैसे देंगे... जीं हां, यह अब सच होने वाला है। पुलिस रिसर्च और एंड डेवलपमेंट ब्यूरो की रिपोर्ट को मानें को अब यदि पुलिस 20 दिनों की तय सीमा के भीतर पासपोर्ट के लिए वेरिफिकेशन नहीं कर पाती है तो उसे जुर्माना भरना होगा। एफआईआर की कॉपी मकदमा दर्ज कराने के दिन ही उपलब्ध नहीं करायी जाती  या फिर जब्त वाहन को कागजी प्रक्रिया होने के तीन दिन के भीतर रिलीज नहीं करती है तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को प्रतिदिन 250 रुपये या 5,000 का जुर्माना भरना पड़ेका। इस तरह की कई पेनल्टीज के सुझाव पुलिस रिसर्च और एंड डेवलपमेंट ब्यूरो  की ओर से दिये गये है। ब्यूरो का कहना है कि इससे अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी, आदतों में सुधार होगा और पुलिस के काम में पारदर्शिता बढ़ेगी।


शीर्ष पुलिस रिसर्च संस्था ने 45 सेवाओं को 'पब्लिक डिलिवरी सर्विसेज' में शामिल किया है। इनमें पासपोर्ट, किरायेदारी और विदेशियों का पुलिस वेरिफिकेशन, म्यूजिक प्रोग्राम के लिए एनओसी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, आंदोलन के लिए एनओसी, जांच और नियमित पुलिसिंग को शामिल किया गया है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि यदि यह पाया जाता है कि संबंधित अधिकारी किसी सेवा को बिना वाजिब कारण के अंजाम देने में नाकाम रहता है तो उसे पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगना चाहिए।