'बेटे और पत्नी की पुकार भी का असर न हुआ तो मार गिराये आतंकी'

नई दिल्ली (10 मार्च): कश्मीर के अवंतिपुरा में एक घर में घुसे लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार करने की सभी कोशिशें नाकाम रहीं तो सुरक्षा बलों ने उन्हें मार गिराया। इससे पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकियों में से एक की पत्नी और उसके पांच वर्षीय बेटे की मदद भी ली, लेकिन पुलिस का यह प्रयास भी विफल रहा। श्रीनगर शहर से 35 किमी दूर एक घर में दो आतंकी घुसे थे। इनमें से एक 32 वर्षीय मोहम्मद शफी शेरगोजरी उत्तर कश्मीर के बांदीपुरा का रहने वाला था। जिस घर में आतंकी घुसे थे उसकी गुरुवार को तड़के सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर ली थी। 

दोनों आतंकियों की पहचानने और यह पता चलने के बाद की दोनों स्थानीय हैं, दक्षिण कश्मीर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने उनके परिवार का पता लगाने का फैसला लिया ताकि वह उनकी मदद से आतंकियों से सरेंडर करने की अपील कर सकें। दक्षिण कश्मीर के पुलिस उप महानिरीक्षक एस पानी और पुलिस उप अधीक्षक जाहिद मलिक ने दोनों आतंकियों से आत्मसमर्पण करने की अपील की। पुलिस ने शेरगोजरी की पत्नी अक्तारा बेगम और उसके पांच साल के बेटे को बुलाया। पत्नी ने अपने पति को आवाज लगाई, ‘‘बाहर आओ, अपने बेटे को बाहों में लो, वह आपको बहुत याद करता है। वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों ने आतंकियों को भरोसा दिलाया कि मानवीय रुख अपनाते हुए उन पर निष्पक्ष मुकदमा चलाया जाएगा। जब आतंकियों पर अपीलों का कोई असर नहीं हुआ तो सुरक्षा बलों ने उन्हें पकड़ने या उन्हें खत्म करने का अभियान चलाया। इस दौरान मुठभेड़ में दोनों आतंकी मारे गए।