यहां चल रहा था सबसे बड़ा गंदा धंधा, बच्चे लाते थे कस्टमर

इलाहाबाद (2 मई): यूपी के एरिया मीरगंज में पुलि‍स ने एक ऐसे रैकेट का खुलासा किया, जिसने सभी को चौंकाया दियाहै। यहां पर करीब दो सौ मकानों से जि‍स्‍मफरोशी में लिप्त 75 से अधिक लड़कियों को मुक्त कराया गया। इनमें कई शादीशुदा हैं और उनके बच्‍चे भी हैं। यहां बच्‍चों का इस्‍तेमाल कस्‍टमर को बुलाने में कि‍या जाता था।

इस कार्रवाई में 45 कोठा संचालिकाओं सहि‍त 10 पुरुष पकड़े गए। पुलिस ने मकानों को सील कर उनके मालि‍कों पर कार्रवाई की है। आजादी के पहले से इस एरि‍या में यह कारोबार जारी था। यहां अब तक की यह बड़ी छापेमारी है। इसमें बड़ी संख्‍या में बच्‍चे और कुछ संदिग्ध सामान बरामद हुए हैं।

पुलि‍सि‍या कार्रवाई की खबर सुनते ही लड़कियों ने अपने को घरों में बंद कर लिया था। उन्‍हें बाहर नि‍कालने के लि‍ए अधि‍कारि‍यों को कड़ी मशक्‍कत करनी पड़ी। कई घरों के दरवाजों को गैस कटर से काटकर लड़कियों को बाहर निकाला गया। इस इलाके की जानकारी रखने वाले कहते हैं कि‍ हर छह महीने में यहां की लड़कियों को दूसरे राज्‍य की रेड लाइट एरि‍या में भेज दि‍या जाता था। उनकी जगह अन्‍य स्टेट के रेड लाइट इलाके की लड़की लाकर रखी जाती था। ऐसा कस्‍टमर को हमेशा नई लड़की उपलब्‍ध करवाने और पहचान छि‍पाने के लि‍ए कि‍या जाता था।

यह कार्रवाई डीएम और एसएसपी के आदेश पर हुई। इसमें सामाजिक संस्था गुड़िया के कई अधि‍कारी, कई थानों की फोर्स के अलावा एडीएम सि‍टी और 5 मजिस्ट्रेट लगाए गए थे। इसमें पुलिस के कई थानों की फोर्स, एसपी सि‍टी, 31 एसओ, 15 महिला एसआई, 300 कांस्टेबल, 150 महिला कांस्टेबल अलावा कई अन्य लोग मौजूद थे। पकड़ी गई सभी लड़कि‍यों को रातोंरात कानपुर के नारी नि‍केतन भेज दि‍या गया है। उनके साथ बरामद बच्‍चों को इलाहाबाद के बाल सुधार गृह भेजा गया है।