छाप रहे थे 2000 के नकली नोट, डस्टबिन ने उगला सबूत

शहडोल (18 दिसंबर): नोटबंदी के बाद से ही कुछ लोग 2000 रुपये के नकली नोट छापने में लगे हुए हैं। हालांकि पुलिस ऐसे लोगों पर नजर बनाए हुए हैं और उन्हें पकड़ने में लगी हुई है। ऐसी ही एक खबर मध्यप्रदेश के शहडोल से आई है, जहां पर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है जो नकली नोट छाप रहे थे।

पुलिस ने 2000 के नकली नोट छापने के आरोप में पैथोलॉजी लैब संचालक सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से नकली नोटों के अलावा की छपाई में प्रयोग किए जा रहे स्कैनर और प्रिंटर सहित अन्य उपकरण जब्त किए है।

ऑटोमोबाइल के काम से जुड़ा अमित राय नाम का युवक शनिवार रात को चमड़िया पेट्रोल पंप पर दो हजार रुपए का नकली नोट चलाते हुए पकड़ा गया। अमित ने तीन सौ रुपए का पेट्रोल डलवाने के बाद दो हजार का नकली नोट थमाया था। नोट को देख पंपकर्मी को शक हुआ तो उसने इस बारे में अपने साथियों को जानकारी दी, जिन्होंने अमित को पंप पर ही रोक लिया और पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने मौके पर पहुंच कर अमित से सख्ती से पूछताछ की तो उसने नकली नोट चलाने की बात कबूल कर ली। अमित ने बताया कि उसे यह नोट पैथोलॉजी लैब का संचालन 

करने वाले रवि गुप्ता ने दिया है। पुलिस ने पैथोलॉजी लैब की तलाशी ली तो उसी नंबर का एक नोट डस्टबीन में मिल गया। दरअसल, प्रिंटिंग के दौरान एक नोट की प्रिंटिंग सही तरीके से नहीं होने की वजह से रवि ने उसे फाड़कर डस्टबिन में फेंक दिया था। डस्टबिन से मिले नोट के टुकड़ों ने हीं उसकी पोल खोलकर रख दी।