INSIDE STORY: #PAK सेना और #NawazSharif सरकार ने बनाई #PoK के लोगों की जिंदगी जहन्नुम

डॉ. संदीप कोहली, 

नई दिल्ली (6 अक्टूबर): उरी हमले के बाद बार-बार मुंह की खाने के बावजूद पाकिस्तान सबक लेने को तैयार नहीं है। सर्जिकल स्ट्राइक और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी कैंपों को नकारता रहा पाकिस्तान कल बेनकाब हो गया। PoK के मीरपुर रेंज के एसपी गुलाम अकबर का कबूलनामा दुनिया के सामने हैं। अब वहां के स्थानीय लोगों का इन आतंकी कैंपों के खिलाफ बगावत कर दी है। PoK के अलग-अलग हिस्सों में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। स्थानीय जनता का आरोप है कि मुजफ्फराबाद, कोटली, चिनारी, मीरपुर, गिलगित और नीलम घाटी में चल रहे आतंकी ट्रेनिंग कैंपों ने उनकी जिंदगी नरक बना दी है और इसकी जिम्मेदार नवाज शरीफ सरकार और पाकिस्तानी सेना है। गौरतलब है कि भारत ने 29 सितंबर की रात को सर्जिकल स्ट्राइक कर एलओसी के पार PoK में दुदनैल लीपा, खैराती बाग और नीलम नदी के पास 7 आतंकी कैंपों को नेस्तोनाबूत कर दिया था। 

- PoK में पाकिस्तान के खिलाफ बगावत की आवाज तेज हो गई हैं।  - पिछले कुछ महीनों से PoK के कई इलाकों में प्रदर्शन हो रहे हैं।  - आज ये प्रदर्शन तेज हो गए, नवाज सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। - मुजफ्फराबाद, कोटली समेत 7 जगहों पर नवाज सरकार के खिलाफ लोग सड़कों पर उतरे। - दहशतगर्दी बंद करो, बच्चों को गलत तालीम देना बंद करो जैसे नारे लगे। - प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आतंकवाद को खत्म करने की जरूरत है।  - आतंकवादियों को पनाह देकर मसले को हल नहीं किया जा सकता। - बैन संगठनों, आतंकी कैंपों को यहां से राशन दिया जाता है, जो गलत है। - गौरतलब है भारत ने 29 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक कर यहां 7 आतंकी कैंपों बर्बाद किया था। - दुदनैल लीपा, खैराती बाग और नीलम नदी के पूर्वी किनारे यह ऑपरेशन किया गया था। - दुदनैल LoC से सबसे नजदीक भारत की पोस्ट गुलाब (कुपवाड़ा) से 4 किमी दूर है।

PoK में कब-कब सरकार और सेना के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग... - पीओके में नवाज सरकार और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कोई नई बात नहीं है। - इससे पहले भी यहां के स्थानीय लोग सरकार और सेना के खिलाफ नारेबाजी कर चुके हैं। - 2 अक्टूबर को सेना और ISI की ज्यादती के खिलाफ सड़क पर उतरी थी PoK की जनता। - जुलाई में PoK में पाकिस्तान के झंडे जलाए गए थे, चुनाव में धांधली को लेकर लोगों में गुस्सा था। - नीलम घाटी में लोग पॉलिटिकल पॉर्टीज के पोस्टर पर कालिख पोतते और पाकिस्तानी झंडे जलाते दिखे थे। - 21 जुलाई को हुए इलेक्शन में शरीफ की पार्टी PML-N ने 41 में से 32 सीटें हासिल की थीं। - विरोध करने वालों का दावा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने इलेक्शन में गड़बड़ी की।  - PoK के मुजफ्फराबाद, कोटली, चिनारी, मीरपुर और नीलम घाटी में लगातार विरोध प्रदर्शन हुए थे। - पिछले साल खबर आई थी कि PoK के लोग जम्मू-कश्मीर में हुए डेवलपमेंट से खुश हैं। - PoK के लोग पाकिस्तान से अलग भारत के साथ रहना चाहते हैं।  - इसको लेकर PoK में पिछले साल कई प्रदर्शन हुए, जिन्हें सेना ने दबा दिया था।

क्या है पाक के कब्जे वाले कश्मीर की हकीकत... - PoK भारत का हिस्सा है जिसपर पाकिस्तान ने अवैध ढंग से कब्जा कर रखा है। - पाक के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) का कुल क्षेत्रफल 13,297 वर्ग किमी है। - PoK की राजधानी मुजफ्फराबाद है, पीओके में करीब 45 लाख लोग रहते हैं। - PoK को लेकर पाकिस्तान हमेशा से दोहरेपन की नीति पर चलता रहा है। - एक तरफ तो वो इसे आजाद कश्मीर कहता है तो दूसरी ओर यहां के प्रशासन और राजनीति में सीधा दखल देता है। - और तो और पीओके का शासन इस्लामाबाद से सीधे तौर पर चलाया जाता है। - पाकिस्तान के दोहरे रवैये का सबूत इसी बात से मिलता है। - PoK में प्रधानमंत्री से कश्मीर पर पाकिस्तान के नियंत्रण संबंधी हलफनामे पर दस्तखत कराया जाता है।

PoK में शांति से क्यों डरता है पाकिस्तान... - PoK के गिलगिट और बाल्तिस्तान में लोग भूख और अभावों से जूझ रहे हैं।  - वहां आतंक का राज है। पाकिस्तान शांति से डरता है, इसलिए यहां भ्रामक प्रचार कराता है।  - इस क्षेत्र के लोगों को मुख्यधारा से भी दूर रखा जाता है।  - पाकिस्तान ने अरबों रुपये खर्च कर आधे दशक से अधिक में नफरत की जो दीवार खड़ी की है, वो नहीं चाहता वो टूटे।

PAK ने PoK को बना दिया आतंक का गढ़... - सुरक्षा एजेसियों के मुताबिक पाक सेना और आईएसआई की मदद से आतंकियों के कई ट्रेनिंग कैंप चल रहे हैं। - मुजफ्फराबाद और कोटली में मौजूद हैं कुछ खास ट्रेनिंग कैंप, जिसमें तैयार हो रहे हैं आतंक की नई पौध। - गढ़ हबीबुल्लाह, तलाई मंडी, जंगल-मंगल, इलाका-ए-गैर, अल मुजाहिद्दीन कैंप, बकरेल, बांदी हजीरा। - चनी चाकोट, जाहिद्दीन कैंप, नीकीआल, अशकोट जैसे कई आतंकी कैंप PoK में चल रहे है। - कैंपों में हिजबुल मुजाहिद्दीन, लश्करे तैय्यबा, जैश-ए-मोहम्मद और हरकत-उल-मुजाहिद्दीन के आतंकी मौजूद हैं। - हाफिज सईद, सैयद सलाहुद्दीन और मौलाना मसूद अजहर जैसे आतंक के सरगना चला रहे हैं कैंप। - इस कैंप में कश्मीर से बर्गला कर युवाओं को लाया जा रहा है।  - यहां इनका ब्रेनवॉश किया जाता है, फिर दी जाती है शारीरिक और दिमागी ट्रेनिंग। - इसके बाद PoK में LoC पर मौजूद लांच कैंप से भारत में घुसाए जाते हैं ये आतंकी। - कश्मीर के कुपवाड़ा-बारामुला से सटे काला पहाड़, महिंदा टॉप में तमाम आतंकी लांच कैंप मौजूद हैं। - इसके अलावा जम्मू के पुंछ, आरएस पुरा, राजौरी सेक्टर से भी घुसपैठ कराई जाती है। - भारत में घुसकर ये आतंकी अपने नापाक मंसूबों को अंजाम तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं।