भगोड़े नीरव मोदी के 100 करोड़ के आलीशान बंगले पर चला सरकारी बुलडोजर

न्यूज 24 ब्यूरो, अविनाश पांडेय, मुंबई (27 जनवरी): पंजाब नेशनल बैंक के 13000 करोड रुपए के घोटाले का आरोपी नीरव मोदी के भव्य बंगले को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह बंगला पर्यावरण नियमों को ताक पर रखकर बनाया गया था।  महाराष्ट्र के रायगढ़ कलेक्ट्रेट ने हीरा कारोबारी नीरव मोदी के अलीबाग स्थित भव्य बंगले को शुक्रवार की दोपहर गिराना शुरू कर दिया। सूत्रों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पड़ोस के रायगढ़ जिले में स्थित संपत्ति को राज्य सरकार को सौंपे जाने के बाद जिलाधिकारी विजय सूर्यवंशी ने इसे गिराने के आदेश दिए। बता दें कि राज्य सरकार ने इसे अवैध संपत्ति घोषित किया है।

भगोड़े हीरा कारोबारी विजय माल्या का यह भव्य बंगला करीब 33 हजार स्क्वायर फीट में है। इस घर में कई हाई प्रोफाइल पार्टियां भी आयोजित होती रही हैं। मगर अब नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक के 13 हजार करोड़ रुपये के घोटाला मामले में मुख्य आरोपी है। पिछले साल राज्य सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय को पत्र लिखकर किहिम तट पर अवैध रूप से बने बंगले को गिराने की इजाजत मांगी थी। ईडी ने भगोड़े हीरा कारोबारी के इस बंगले को सील कर दिया था।पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में नाम सामने आने के बाद से फरार चल रहे नीरव मोदी का नाम उन 202 बंगलों के मालिकों में शामिल है जिन्हें उनकी संपत्ति गिराए जाने की चेतावनी मिली है। रायगढ़ के कलेक्टर सूर्यवंशी ने बताया कि इस बंगले का निर्माण गैरकानूनी तरीके से हुआ है और इसमें पर्यावरण के तमाम नियमों की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा, “अलीबाग एवं मुराद तहसील में 202 अवैध बंगलों को गिराने की कार्रवाई हमने शुरू कर दी है। ”  प्रशासन की मानें तो बंगले को तोड़ने में 15 दिन से ज्यादा का वक्त लग सकता है क्योंकि बंगले को इतना मजबूत बनाया गया है की 10 -15 दिनों में तोड़ना मुमकिन नहीं लिहाजा बंगले को डायनामाईट ब्लास्ट करके गिराने की संभावनाएं तलाशी जा रही है। अदालती आदेश के बाद इस बंगले को ध्वस्त करने का काम शुरू हुआ है।

आपको बता दें, भगोड़े नीरव मोदी से जुड़े केस की जांच ईडी कर रहा है, इसलिए बंगले को गिराने से पहले जिला प्रशासन ने ईडी से अनुमति मांगी। ईडी ने बंगले का निरीक्षण करने और मूल्यवान चीजों को निकालने के बाद करीब एक महीने पहले रायगढ़ जिला प्रशासन को बंगले को गिराने की अनुमित दी थी। इसके बाद पर्यावरण मंत्री रामदास कदम ने रायगढ़ के कलेक्टर विजय सूर्यवंशी के साथ बैठक की थी और फिर इस बैठक में बंगले को गिराने का आदेश दिया गया था । ईडी के मुताबिक, रायगढ़ प्रशासन को इस बंगले के निर्माण में कमियां मिली थीं। हाई कोर्ट का आदेश है कि सरकार उन सभी बंगलों को गिराए जो पर्यावरण नियमों का उल्‍लंघन करके बनाए गए हैं। इसके बाद जिला प्रशासन ने इस बंगले को गिराने की कागजी कार्यवाही शुरू की।