ईज ऑफ डूइंग बिजनस रैकिंग में टॉप-50 में पहुंचने से भारत बस थोड़ी दूर: पीएम मोदी

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (19 नवंबर): पीएम मोदी ने सोमवार को ईज ऑफ डूईंग बिजनस से संबंधित एक कार्यक्रम में कहा कि अब देश अब टॉप 50 में जगह बनाने से कुछ ही दूर है और। मोदी ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनस की रैकिंग में सुधार से लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा। देश के प्रमुख उद्योगपतियों और नीति निर्माताओं के साथ हुई इस बैठक में पीएम ने जिलास्तर पर ईज ऑफ डूइंग बिजनस में सुधार पर जोर दिया। पीएम ने कहा, 'ईज ऑफ डूइंग बिजनस में अभी भारत की रैंकिग 77 है और पिछले कुछ सालों में हमने अपनी रैकिंग में 53 स्थान चढ़े हैं। पिछले 7-8 साल में किसी और देश ने 53 रैंक का सुधार नहीं किया है।'

मोदी ने कहा, ' 2014 से पहले पॉलिसी पैरालिसिस को स्थिति थी, किसी को उम्मीद नहीं थी कि भारत ईज ऑफ डूइंग बिजनस में टॉप 100 में पहुंच सकता है लेकिन 4 सालों में 180 डिग्री का बदलाव देखा। भारत एशिया में चौथे नंबर पर है, जबकि महज 4 साल पहले यह छठे स्थान पर था। टॉप 50 में पहुंचने में हम सिर्फ थोड़े पीछे हैं। राज्य सरकारों से, हर स्टेक होल्डर से इस रैंक को आगे बढ़ाने के लिए लगातार बातचीत की जा रही है।'
जिला स्तर पर ईज ऑफ डूईंग बिजनस में सुधार की वकालत करते हुए पीएम बोले, 'जिला स्तर पर इज ऑफ डूइंग बिजनस को सुधारने का प्रयास किया जा रहा। जिलों के बीच बिजनस करने के माहौल को लेकर प्रतिस्पर्धा जरूरी है। हम जिलास्तर पर भी ईज ऑफ डूइंग बिजनस की स्थिति सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। जिलास्तर पर सुधार का देश की रैंकिंग पर भी असर पड़ेगा।
पीएम ने अपनी सरकार में बिजनस करने के माहौल में सुधार के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले आयातित सामान की क्लियरेंस में 200 दिनों का समय लगता था, अब 144 दिनों का समय लगता है। इसे और भी कम करने का प्रयास किया जा रहा है। महिलाओं को रात की शिफ्ट में परेशानी न हो, इसके लिए कानून बदला गया, छोटे-छोटे दुकानदारों को रात में देर तक दुकानें खोलने के लिए भी कानूनों में बदलाव किया गया।
मोदी आगे बोले , 'मूडीज समेत विश्व के टॉप आर्थिक संस्थान लगातार हमारी रैंकिंग में सुधार कर रहे हैं। मैन्युफक्चरिंग और सर्विस सेक्टर अब अलग हो रहे हैं। अब नई औद्योगिक नीति पर काम होगा, जो कि बिजनस करने के बदले तरीकों और नई नीतियों पर जोर देगा। हमें अब भारत को ईज ऑफ डूईंग बिजनस में टॉप 50 की रैंकिंग में लाने के लिए काम करना होगा।'
कार्यक्रम को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी संबोधित किया। जेटली ने कहा कि तमाम प्रयासों के बाद अब हमारे पास यह मानने के लिए वजह है कि हम टॉप-50 में पहुंच सकते हैं। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु, हर्षवर्धन हरदीप सिंह पुरी आदि भी मौजूद रहे।