पीएम मोदी का नोबेल पुरस्कार जीतने लिए मंत्र

नई दिल्ली ( 11 जनवरी ):  भारत ने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में नोबेल पुरस्कार विजेताओं के साथ बातचीत का रास्ता खोल दिया है। भारतीय मूल के स्ट्रक्चरल बायलॉजिस्ट वेंकटरमन रामकृष्णन सहित 9 नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने वाइब्रेंट गुजरात समिट में शिरकत किया। प्रधानमंत्री नेरंद्र मोदी ने इनकी मौजूदगी मे कहा कि ‘विज्ञान और तकनीक का शुक्रिया कि मानव जाति फल फूल रही है। बड़ी संख्या में लोग मानव इतिहास में अतुलनीय गुणवत्तापूर्ण जीवन से बिता रहे हैं।’ ‘वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट’ का हिस्सा बने नौ नोबेल पुरस्कार विजेताओं की मौजूदगी में उन्होंने छात्रों से कहा, ‘भारत के सामने बहुतों को गरीबी से निकालने की चुनौती है । आप जल्द ही वैज्ञानिक होंगे और इस चुनौती को नजरअंदाज नहीं करेंगे।’ भारतीय विश्वविद्यालयों के छात्र नोबेल विजेताओं से बात करेंगे जिसमें कि भारत में जन्मे और गुजरात में पढे वैज्ञानिक डॉं वेंकटरमण रामकृष्णन भी हैं ।

अन्य में डॉ रिचर्ड जे रॉबर्ट्स :1993 मेडिसीन:, डॉं हारोल्ड वमरुस :1989, मेडिसीन:, डा. डेविड जे ग्रॉस :2004, भौतिकी:, डा सेर्जे हरोचे :2012, भौतिकी:, डॉ रेंडी शेकमेन :2013, मेडिसीन:, डॉ डब्ल्यू ई मूरनेर :2014 रसायन विज्ञान:, डा. एच सी हरमुट माइकल :1988, रसायन विज्ञान: और डा. अदा योनाथ हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे पहले दो तीन नोबेल विजेता भारत आए थे और सीमित तरीके से ही छात्रों और वैज्ञानिकों से संवाद कर पाए थे।

मोदी ने कहा, ‘लेकिन, आज गुजरात में नोबेल विजेताओं की मंडली से हमने इतिहास बना दिया है। मैं पूरे दिल से यहां नोबेल विजेताओं का स्वागत करता हूं। आप भारत के अनमोल दोस्त हैं। आप में से कुछ पहले कई बार आए हैं, आप में से एक का जन्म यहां हुआ है । असल में वह वड़ोदरा में पले बढ़े।’

उन्होंने कहा, ‘मेरी सरकार का स्पष्ट नजरिया है कि हम अगले 15 साल में भारत को कहां देखना चाहते हैं। रणनीति और कार्य को अमल में लाने के लिए विज्ञान और तकनीक उस दृष्टिकोण में केंद्र बिंदु है । विज्ञान और तकनीक में हमारा दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करना है कि अवसर सभी युवाओं के लिए उपलब्ध हो।’ मोदी ने कहा, ‘हमारे वैज्ञानिकों से देश के हमारे स्कूलों में पढ़ाए जाने वाले विज्ञान शिक्षा पर कार्यक्रम तैयार करने को कहा गया है । इससे प्रशिक्षित शिक्षक भी जुड़ेंगे।’ साथ ही कहा कि अगले स्तर पर उनसे कौशल और उच्च तकनीक प्रशिक्षण दोनों में नये कार्यक्रम तैयार करने को कहा गया है।