पीएम मोदी का राहुल पर निशाना, बोले- वंदे भारत एक्सप्रेस का मजाक उड़ाना दुखद

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (19 फरवरी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में डीजल से इलेक्ट्रिक इंजन में चेंज हुए ट्रेन इंजन को हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री ने संत रविदास की जन्मस्थली जाकर उन्हें नमन भी किया। पीएम मोदी ने यहां 2900 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। 








प्रधानमंत्री ने यहां पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि काशी को नए भारत की नई ऊर्जा का केंद्र बनाने में हम आज सफल हुए हैं। थोड़ी देर पहले ही एक ऐसे इंजन को हरी झंडी दिखाने का अवसर मुझे मिला है जो पहले डीजल से चलता था, अब वही इंजन बिजली से चला करेगा। उन्होंने कहा कि 'मेक इन इंडिया' के तहत किए गये इस काम ने एक बार फिर दुनिया में भारतीय वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग क्षमता का लोहा मनवाया है। इस प्रयोग के सफल हो जाने के बाद भारतीय रेलवे को और सशक्त बनाने, क्षमता और रफ्तार बढ़ाने में मदद मिलेगी। 







उन्होंने कहा कि दिल्ली से काशी के बीच चल रही देश में बनी पहली सेमी-हाईस्पीड ट्रेन, वंदे-भारत एक्सप्रेस को कुछ लोगों द्वारा जिस तरह निशाना बनाया जा रहा है, उसका मजाक उड़ाया जा रहा है, वो बहुत दुखद है। उन्होंने कहा कि क्या वन्दे भारत ट्रैन बनाने वाले इंजीनियर और टेक्नीशियन को अपमानित करना उचित है? बता दे कि इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर वनडे भारत एक्सप्रेस पर निशाना साधा था। 







प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर कहा कि काशी के संत रविदास जी के मंदिर में दर्शन करने का सौभाग्य मिला और विकास की परियोजनाओं की नींव रखी. 2016 में मैंने इस प्रांगण को विकसित करने और इसके सौन्दर्यीकरण की बात कही थी, जिसकी मांग दशकों से हो रही थी, लेकिन किसी सरकार ने उसे पूरा नहीं किया था. आज इन सभी कार्यों का शुभारंभ हुआ है। 






प्रधानमंत्री ने कहा कि संत रविदास जी की जन्मस्थली करोड़ों लोगों के लिए आस्था और श्रद्धा का स्थल है। आपका सांसद होने के नाते मुझे भी यहां सेवा करने का मौका मिल रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे नौजवान साथी जो डिजिटल इंडिया के युग में सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था का हिस्सा बन रहे हैं, हम उनके साथ मिलकर वर्तमान स्थिति को बदलने वाले है। इसके साथ ही मोदी ने जातिवादी राजनीति पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने कहा कि  हमें उन लोगों को पहचानना होगा, जो अपने स्वार्थ और राजनीतिक लाभ के लिए जात-पात का मुद्दा उठाते हैं।