वाराणसी में बोले मोदी, बिचौलिए की दुकान बंद हुई है उनकी परेशानी से कोई तकलीफ नहीं

नई दिल्ली(22 जनवरी): पीएम नरेंद्र शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। यहां पर उन्होंने महामना एक्सप्रैस को हरी झंडी दिखाई। पीएम ने रैली को संबोधित किया। 

पीएम मोदी ने क्या कहा 

- गरीब की जिंदगी सुधारने की कोशिश: पीएम नरेंद्र मोदी

- आज सुबह हादसे में कुछ दिव्यांग बच्चे घायल हुए थे

- जापानी पीएम ने काशी यात्रा की तारीफ की: पीएम नरेंद्र मोदी

- पीएम नरेंद्र मोदीः आज हमारे कुछ दिव्यांग लाभार्थी इस समारोह में आ रहे थे, उनकी बस पलट गई। कुछ लोगों को चोट लगी। हमारे मंत्री महोदय, सरकार के अधिकारी वहां तुरंत पहुंचे।

- पीएम नरेंद्र मोदीः आज मैं विशेष रूप से दो महानुभावों का पुण्य स्मरण करना चाहूंगा। श्रीमान जायसवाल जी और श्रीमान हरीश जी। इन दोनों महानुभावों ने जीवन भर इस क्षेत्र की सेवा की। अब हमारे बीच नहीं हैं। मैं उनका स्मरण करता हूं।

- पीएम नरेंद्र मोदीः इस ठंड के बावजूद विभाग के तीनों मंत्रियों ने जिस लगन से इस काम को आगे बढ़ाया मैं उनका अभिनंदन करता हूं। मैं अपने दिव्यांग भाई-बहनों को विश्वास दिलाता हूं हम होंगे कामयाब के मंत्र को आगे बढ़ाना है।

- पीएम नरेंद्र मोदीः दिव्यांगों के लिए व्यवस्था विकसित करने, आत्मविश्वास का भाव विकसित करने के लिए हम काम करेंगे।

-पीएम नरेंद्र मोदीः जहां कानूनी बदलाव लाना होगा वहां कानूनी बदलाव करेंगे। जहां नियमों में बदलाव की जरूरत है वहां नियमों को बदलेंगे।

- पीएम नरेंद्र मोदीः जितने भी सरकारी भवन होंगे वहां ऐसे अलग टॉयलेट, रैंप विकसित किए जाएंगे। अभियान के तौर पर हम यह काम कर रहे हैं। हर डिपार्टमेंट को इस बारे में निर्देश दिया गया है।

- पीएम नरेंद्र मोदीः अभी हमने सुगम्य भारत का दुर्गम काम उठाया है। हमारे ट्रेन, बस हों वहां इन दिव्यांगों को आवागमन में कोई दिक्कत न हो ऐसी व्यवस्था विकसित करेंगे।

- पीएम नरेंद्र मोदीः ऐसे बच्चे ट्रोफी लेकर आते हैं और मुझे थमा देते हैं। वो कहते हैं कि हम यह आपके लिए लेकर आए हैं। हर बच्चा जिसके मन में भाव आया है वो दिव्यांग है।

- पीएम नरेंद्र मोदीः जब भी आस प्रकार के बालकों की ओलंपिक, खेल प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल लेकर आते हैं। उन्हें पता होता है कि उन्होंने देश के लिए क्या जीता है।

- पीएम नरेंद्र मोदीः समाज की सामूहिक जिम्मेवारी है ऐसे बालकों की चिंता करने की। ऐसे बालकों की चिंता हमारी सरकार विशेष रूप से कर रही है।

- पीएम नरेंद्र मोदीः परिवार के सभी बच्चों से अधिक उस मानसिक रूप से दुर्बल बच्चे को प्यार दिया जाता है। हमें सोचना होगा कि क्या ये बच्चे सिर्फ उस परिवार की जिम्मेदारी हैं?

- पीएम नरेंद्र मोदीः आपने देखा होगा उस बच्चे के मां-बाप, दादा-दादी अपने सारे सपनों को मार देते हैं। अपनी पूरी शक्ति उस बालक की सेवा में खपा देते हैं।

- पीएम नरेंद्र मोदीः जिन परिवारों में मानसिक रूप से दुर्बल बच्चे होते हैं बहुत कम लोगों को उनके मां-बाप की दशा का अंदाजा होता है।

- पीएम नरेंद्र मोदीः मैंने यहां मंदबुद्धि को कंप्यूटर दिया और तुरंत उसने उसे चालू कर दिया। उसकी यह कोशिश उसके परिवार के लिए आशा लेकर आया।

- पीएम नरेंद्र मोदीः बच्चों को बोलते देखकर मां के मन में आनंदभाव नजर आ रहा था। मैंने अपने मन की बात में यह बात कही थी कि विकलांग शब्द की जगह दिव्यांग शब्द का प्रयोग करें।

- पीएम नरेंद्र मोदीः मैं छोटे बच्चों से मिल रहा था। वो बच्चे सुन नहीं पा रहे थे इसलिए बोल नहीं रहे थे लेकिन जैसे ही उन्होंने सुनना शुरू किया बोलने भी लगे।

- पीएम नरेंद्र मोदीः इस कैंप के तहत 9000 से अधिक लोगों को कुछ साधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अभी भी काम चल रहा है, कार्यक्रम चलता रहेगा। अगल-बगल के जिलों में भी इस काम को किया जाएगा।  

-पीएम नरेंद्र मोदीः बिचौलिए की दुकान बंद हुई है। उनको तकलीफ हो रही है लेकिन उनकी परेशानी से मुझे कोई तकलीफ नहीं है।

-पीएम नरेंद्र मोदीः ये कैंप लगाने का परिणाम ये हुआ है कि बिचौलिए नाम की दुनिया समाप्त हो गई है। मुझ पर चारों तरफ से हमले होते हैं। उनकी चाह है कि मैं विचलित हो जाऊं, अपना रास्ता छोड़ दूं।

-पीएम नरेंद्र मोदीः हमारी सरकार लाभार्थियों को खोजने के लिए जाती है। जिनका हक है उन तक पहुंचने का प्रयास करती है। हम जानते हैं कभी-कभी बिचौलिए भी आ जाते हैं।

-पीएम नरेंद्र मोदीः सरकार में ये विभाग 1992 में बना, बजट भी दिए गए। 1992 से 2014 तक बड़ी मुश्किल से 50-55 से 100 कैंप तक लगे थे। हमारी सरकार ने साल भर में 1800 कैंप लगाए।