बीजेपी प्रवक्ताओं से नाखुश हैं मोदी और शाह!

नई दिल्ली (3 फरवरी) :  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीजेपी के प्रवक्ताओं और टेलीविजन पैनलिस्ट्स को एनडीए सरकार की उपलब्धियों को मज़बूती के साथ मीडिया में पेश करने के लिए कहा है। पीएम ने विशेष तौर पर जन-धन योजना, फसल बीमा योजना, पेंशन बीमा योजना जैसी सरकार की उपलब्धियों को हाईलाइट करने के लिए कहा है। सूत्रों के अनुसार प्रवक्ताओं और पैनलिस्ट्स से कहा गया है कि वे पार्टी के राजनीतिक विरोधियों के 'जाल'  में ना फंसे जो उन्हें असहिष्णुता और साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण जैसे मुद्दों में उलझा देते हैं, जिससे कि ये संदेश जा सके कि पार्टी (बीजेपी) अल्पसंख्यक और दलित विरोधी है।   

इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह पार्टी और टेलीविजन चैनल के पैनल में शामिल लोगों के कामकाज से नाखुश बताए गए हैं। पार्टी का मानना है कि वे एनडीए सरकार की पिछले 19 माह की आर्थिक उपलब्धियों और किसानों, महिलाओं, आर्थिक रूप से पिछड़ों और वरिष्ठ नागरिकों की मदद के लिए किए गए नवाचारों को विरोधी राजनीतिक दलों के तर्कों के सामने अच्छी तरह से पेश करने में विफल रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार पार्टी का यह भी मानना है कि न्यूज चैनलों पर होने वाली बहस के दौरान भाजपा प्रवक्ता और पैनल के सदस्य न केवल कांग्रेस व अन्य राजनीतिक दलों बल्कि बहस में भाग लेने वाले विशेषज्ञों से भी घिर जाते हैं। वे बहस में यह भी अच्छी तरह से यह पक्ष भी पेश नहीं कर पाते कि सरकार मुस्लिम विरोधी या दलित विरोधी नहीं है।

भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के अनुसार यूपीए-2 सरकार के कार्यकाल की तरह मंत्रियों और भाजपा नेताओं पर घोटाले के कोई आरोप नहीं हैं। ऐसे में मुद्दों के अभाव में अन्य पार्टियों के नेता साम्प्रदायिक और दलितों के खिलाफ भेदभाव मुद्दे पर उन्हें घेर लेते हैं। उल्लेखनीय है कि साध्वी निरंजन और साक्षी महाराज के साम्प्रदायिक बयानों से कांग्रेस को भाजपा को घेरने का मौका मिला है।