पीएम मोदी का दुनिया के लिए 10 मंत्र

नई दिल्ली (5 सितंबर): चीन के शियामेन शहर में ब्रिक्स सम्मेलन के समापन की औपचारिक घोषणा के साथ अगले साल दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में अगले ब्रिक्स सम्मेलन की घोषणा की गई। ब्रिक्स सम्मेलन पर देश और दुनिया की नजर इस बात पर टिकी थी कि भारत और चीन के बीच बातचीत का एजेंडा क्या होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लोबल चेंज में ब्रिक्स की अहम भूमिका के लिए 10 सूत्रीय एजेंडा पेश किया है, जिसमें आतंकवाद को रोकने के लिए प्रयास भी शामिल हैं। मोदी ने नौंवे ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान 'डॉयलॉग ऑफ एमर्जिग मार्केट्स एंड डेवलपिंग कंट्रीज' में संबोधन के दौरान कहा कि भारत के विकास का आधार 'सबका साथ, सबका विकास' है। यह बताते हुए कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र के 17 सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल (एसडीजी) को अपने विकास कार्यक्रमों और योजनाओं में शामिल किया है। 

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स के लिए वैश्विक बदलाव में भूमिका निभाना जरूरी है और इसके लिए इस 10 सूत्रीय एजेंडे को अपनाना चाहिए।

-ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि सुरक्षित विश्व के लिए आतंकवाद को खत्म करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी देशों को आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ना होगा। तभी इसे जड़ से खत्म किया जा सकता है। ब्रिक्स सम्मेलन के पहले दिन पीएम मोदी ने आतंकवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आतंकियों को पनाह देने वाले और उन्हें फंडिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

-पीएम मोदी ने कहा बदलते दौर में साइबर सुरक्षा भी एक अहम मुद्दा है। इस पर भी सभी देशों को प्राथमिकता से काम करना चाहिए। साइबर सुरक्षा एक चुनौती के तौर पर उभर रहा है। ऐसे में डिजटलाइजेशन के दौर में इससे भी निपटना होगा।

-पीएम मोदी ने कहा कि सभी देशों को आपदा प्रबंधन के लिए भी तैयार रहना चाहिए और ऐसी किसी भी स्थिति का मुकाबला सभी देशों को मिलकर करना चाहिए।

-ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम मोदी ने क्लाइमेट चेंज का मुद्दा भी उठाया। पीएम ने क्लाइमेट चेंज से निपटने के लिए सभी देशों से ठोस कदम उठाकर हरित दुनिया का निर्माण करने का आह्वान किया।

-प्रधानमंत्री मोदी ने सभी देशों से टेक्नोलॉजी को भी साझा करने की अपील की। उन्होंने कहा भारत सभी देशों के लिए बिना शर्त सहयोग के लिए तैयार है। पीएम ने कहा जरूरतों और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी देशों को विकास की साझेदारी करनी होगी। पीएम ने कहा कि इस तरह के प्रोजेक्ट्स दर्जनों देशों में पानी, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य सेवा, टेली-मेडिसीन और बुनियादी ढांचा दिया जा रहा है।

-पीएम ने ब्रिक्स सम्मेलन में डिजिटल इकनॉमी की भी चर्चा की। उन्होंने डिजिटल इकनॉमी के अपने रुख को दोहराते हुए बैंकिंग और इकनॉमिक सिस्टम समेत लोगों को इससे जोड़कर विश्व में एक समान विकास का आह्वान किया।

-पीएम मोदी ने कहा, ब्रिक्स के अंदर और बाहर डिजिटल स्तर पर बनी दूरी को कम करने से डिजिटल वर्ल्ड बनाया जाए। उन्होंने कहा कि लाखों युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देकर स्किल्ड वर्ल्ड की ओर बढ़ा जाए।

-पीएम मोदी ने बीमारियों को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए रिसर्च एंड डेवलेपमेंट सेक्टर में सहयोग और सभी के लिए किफायती स्वास्थ्य लाभ देने के लिए हेल्थी वर्ल्ड बनाने का भी आह्वान किया।

-पीएम मोदी ने इक्वल वर्ल्ड बनाने को लेकर कहा कि BRICS देशों को सभी को समान अवसर उपलब्ध कराने चाहिए। पीएम ने विशेष तौर पर जेंडर इक्विलिटी का जिक्र करते हुए कहा कि समान विकास के लिए जेंडर इक्विलिटी पर भी ध्यान दिया जाए और सभी देशों को समान अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

-पीएम ने दुनिया को एक सूत्र में पिरोने का जिक्र करते हुए लोगों के आवागमन और सामान और सेवाओं के आदान-प्रदान पर जोर दिया। उन्होंने विचारधाराओं, प्रथाओं और विरासत को बढ़ावा देकर सामंजस्यपूर्ण विश्व के सृजन का आह्वान किया।