G-20: ओसाका में शिंजो आबे से मिले मोदी, कहा-जापान ने सबसे पहले दी थी बधाई

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (27 जून): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G-20 समिट में हिस्सा लेने के लिए जापान के ओसाका में हैं। गुरुवार सुबह प्रधानमंत्री ने यहां पर जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई और कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी और शिंजो आबे पिछले काफी समय से अच्छे दोस्त हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां पर कहा कि जिस गर्मजोशी के साथ जापानी सरकार ने मेरा और मेरी टीम का स्वागत किया, इसके लिए धन्यवाद। जब भारत में चुनावी नतीजे आए थे, तब जापान ने ही सबसे पहले बधाई दी थी। आबे ने कहा कि अब भारत आने की मेरी बारी है और मैं अपनी यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। उन्होंने यहां पर बताया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आने वाले अक्टूबर में जापान का दौरा करेंगे।

इससे पहले ओसाका एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का जोरदार स्वागत हुआ। एयरपोर्ट पर मौजूद भारतीय समुदाय के लोगों ने मोदी-मोदी और भारत माता की जय के नारे लगाए। इस दौरान पीएम मोदी ने वहां खड़े बच्चों से भी मुलाकात की। जापान के दौरे से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनके एजेंडे में महिला सशक्तीकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आतंकवाद से लड़ेने की चुनौतियों जैसे अहम मुद्दे ज्यादा होंगे।

जी-20 सम्मेलन में हिस्सा लेने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी ओसाका के लिए रवाना हो गए हैं। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी से मुलाकात को लेकर एक ट्वीट किया। ट्रंप ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी के साथ बात करने के लिए उत्सुक हूं। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका पर बहुत अधिक शुल्क लगा रहा है, अभी हाल ही में शुल्क में और वृद्धि की गई है। यह अस्वीकार्य है और शुल्क को वापस लेना चाहिए।

इस बार छठी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्‍मेलन का हिस्‍सा बनेंगे। इस सम्‍मेलन में उठने वाले ट्रेड वार के मुद्दे को लेकर भारत चिंतित है। इस मुद्दे को भी उठाने वाला अमेरिका ही है। अमेरिका का चीन के साथ-साथ भारत से भी ट्रेड वार चल रहा है। अमेरिका चाहता है कि उसके यहां से आने वाले सामान पर किसी तरह का कोई कर न लगाया जाए। बता दें कि वैश्विक मंच होने की वजह से यहां पर उठने वाले सभी मुद्दे खास अहमियत रखते हैं। अमेरिका के लिए यह मंच इसलिए बेहद खास है क्‍योंकि यहां से उठी आवाज सभी देशों के लिए होती है। यहां पर राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप जो कुछ कहेंगे वह दूसरे देशों के लिए भी स्‍पष्‍ट इशारा होगा और कुछ देशों के लिए चेतावनी भी होगी।