27 मई को इस्‍टर्न पेरीफेरल एक्‍सप्रेसवे को देश को सौपेंगे पीएम मोदी

नई दिल्ली ( 23 मई ): देश के पहले 14 लेन के ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को 27 मई को पीएम नरेंद्र मोदी देश को सौंपेगे। 135 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन से दिल्ली पर वाहनों का बोझ कम हो जाएगा। 27 मई को बागपत आएंगे और 28 मई को उपचुनाव का मतदान होना है। प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने आसपास के जिले के पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां दी हैं।27 मई को प्रधानमंत्री मोदी बागपत में एक विशाल जनसभा को सम्बोधित करेंगे। इस जनसभा में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे का लोकार्पण किया जायेगा। शामली जिले से सटे बागपत में इस जनसभा के सियासत से भी जोड़कर देखा जा रहा है।कैराना की सीट से भाजपा के हुक्म सिंह के सांसद थे। उनके निधन के बाद उनकी बेटी मृगांका इस सीट से उपचुनाव लड़ रही हैं। माना जा रहा है कि कैराना में उपचुनाव से ठीक एक दिन पहले बागपत में मोदी रैली करके ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के बहाने कैराना पर निशाना साधेंगे।नवंबर 2015 में पीएम नरेंद्र मोदी ने इस प्रॉजेक्ट का शिलान्यास किया था। फरवरी 16 में इस प्रॉजेक्ट पर काम शुरू हुआ। लगभग 11 हजार करोड़ की लागत से तैयार इस प्रॉजेक्ट में 6 हजार करोड़ रुपये किसानों को जमीन अधिग्रहण के रूप में दिए गए हैं। सड़क के निर्माण पर लगभग पांच हजार करोड़ के करीब खर्च हुए हैं। कुंडली से पलवल तक लगभग 135 किलोमीटर लंबे मार्ग पर सात इंटरचेंज हैं। छह रेस्ट स्पॉट हैं जिन्हें टूरिस्ट स्पॉट के रूप में डिवेलप किया जाएगा।इसमें मिट्टी की बजाय बिजली घर से निकलने वाली फ्लाइएश इस्तेमाल की गई है। इस एक्सप्रेस वे के दो पार्ट हैं। पहला पार्ट पलवल से गाजियाबाद तक 56 किलोमीटर, इसके बाद दूसरा पार्ट गाजियाबाद से सोनीपत तक 49 किलोमीटर का है। पूरे एक्सप्रेस वे पर सोलर से लाइटें जलेंगी। कुंडली से पलवल तक का सफर 70 मिनट में पूरा होगा। इस पर कार के लिए 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार मान्य होगी।