न्यूक्लियर सिक्युरिटी समिट में बोले PM मोदी, बताया, ये 6 कदम उठाएगा भारत

 नई दिल्ली(2 अप्रैल): वॉशिंगटन में दो दिवसीय न्यूक्लियर सिक्युरिटी समिट 2016 खत्म हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी का रोल बढ़ाए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर सिक्युरिटी के लिए टेक्नोलॉजी डेवलप करना और उसका इस्तेमाल किया जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने इस प्लैटफॉर्म से भारत की तरफ से उठाए जाने वाले छह कदमों का ऐलान किया। 

- मोदी ने बताया, ''भारत हमेशा न्यूक्लियर सिक्युरिटी के लिए सबसे पहले अपने हितों को अहमियत देगा। इसके लिए वह अपने स्ट्रॉन्ग फ्रेमवर्क, इंडिपेंडेंट रेग्युलेटरी एजेंसी के साथ ट्रेन्ड और स्पेशलिस्ट लोगों की मदद लेगा।

- टेक्नोलॉजी के डेवलपमेंट और सही इस्तेमाल से न्यूक्लियर टेररिज्म को रोकना और बचाना है। इसमें फिजिकल और साइबर बैरियर्स की भी मदद ली जाएगी।

-भारत न्यूक्लियर स्मगलिंग के खिलाफ मुहिम चलाएगा। इसके लिए जल्द काउंटर न्यूक्लियर स्मगलिंग टीम बनेगी। न्यूक्लियर और रेडियोएक्टिव मटीरियल के लिए नेशनल डिटेक्शन आर्किटेक्चर को मजबूत किया

जाएगा।

-भारत न्यूक्लियर सिक्युरिटी में आईएईए (इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी) के रोल को सपोर्ट करता है। हम इसके न्यूक्लियर सिक्युरिटी फंड में एक मिलियन डॉलर देंगे। साथ ही, भारत में इंटरनेशनल फिजिकल

प्रोटेक्शन एसेसमेंट सर्विस (आईपीपीएएस) के साथ आईएईए एक्सपर्ट्स की वर्कशॉप की जाएगी।

-भारत न्यूक्लियर सिक्युरिटी को लेकर तीन तरह की कोशिशों पर जोर दे रहा है। उसकी ये भी कोशिश है कि न्यूक्लियर सिक्युरिटी को लेकर जो भी स्ट्रैटजी बनाई जाए, उस पर एक ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी किया जाए, ताकि

तमाम बातें साफ हो सकें।

- इसके अलावा, समिट में भारत तीन अहम बातों पर सहमत हो गया है। इसमें काउंटर न्यूक्लियर स्मगलिंग, विएना में न्यूक्लियर सिक्युरिटी कॉन्टैक्ट ग्रुप को लागू करना और भारत के एक सेंटर्स ऑफ एक्सलेंस द्वारा इसे मॉनिटर करना शामिल है।