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मालदीव के नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए पीएम मोदी, चीनी प्रभाव बेअसर

पीएम मोदी शनिवार को राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। एयरपोर्ट पर उनका शानदार स्वागत हुआ। संसद के स्पीकर अब्दुल्ला मसीह ने उनकी अगवानी की। कुछ ही देर में पूर्व राष्ट्रपति और भारत के मित्र समझे जानेवाले मोहम्मद नाशीद समेत कई नेताओं से गले मिलने की तस्वीरें भी आईं। पीएम मोदी ने नाशीद को गले लगाया और कई बार पीठ थपथपाई। यह गर्मजोशी दिखाती है कि पिछले काफी समय से चीन के प्रभाव में रहे मालदीव के साथ रिश्तों पर पड़ी बर्फ पिघल गई है। आपको बता दें कि राष्ट्रपति सोलिह और नाशीद दोनों एक ही पार्टी से ताल्लुक रखते हैं। शाम में सोलिह ने पीएम मोदी की मौजूदगी में मालदीव के राष्ट्रपति पद की शपथ ली।

न्यूज 24 ब्यूरो, मुंबई ( 17 नवंबर ): पीएम मोदी शनिवार को राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। एयरपोर्ट पर उनका शानदार स्वागत हुआ। संसद के स्पीकर अब्दुल्ला मसीह ने उनकी अगवानी की। कुछ ही देर में पूर्व राष्ट्रपति और भारत के मित्र समझे जानेवाले मोहम्मद नाशीद समेत कई नेताओं से गले मिलने की तस्वीरें भी आईं। पीएम मोदी ने नाशीद को गले लगाया और कई बार पीठ थपथपाई। यह गर्मजोशी दिखाती है कि पिछले काफी समय से चीन के प्रभाव में रहे मालदीव के साथ रिश्तों पर पड़ी बर्फ पिघल गई है। आपको बता दें कि राष्ट्रपति सोलिह और नाशीद दोनों एक ही पार्टी से ताल्लुक रखते हैं। शाम में सोलिह ने पीएम मोदी की मौजूदगी में मालदीव के राष्ट्रपति पद की शपथ ली।

खास बात यह है कि इस अवसर पर मौजूद रहने वाले पीएम मोदी मालदीव के लिए सर्वोच्च रैंकिंग वाले गेस्ट रहे। चीन की ओर से कल्चर मंत्री के शामिल होने की खबर है। दरअसल, चीन के कर्जे में फंसा मालदीव अब भारत की तरफ देख रहा है। मालदीव की पिछली सरकार ने विकास के लिए चीन से भारी पैमाने पर कर्ज ले रखा है। नई सरकार ने चीन के प्रभाव से निकलकर भारत से संबंध मजबूत करने के संकेत दिए हैं।माले रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार का 'सबका साथ सबका विकास' का नजरिया सभी पड़ोसियों के लिए भी है। यह बयान भारत की पड़ोसियों को साथ लेकर तरक्की करने की इच्छा और नीति को स्पष्ट करता है। वास्तव में, 2011 के बाद पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री के मालदीव में होने के कूटनीतिक मायने हैं। इससे पहले तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह माले गए थे। 2015 में पीएम मोदी जाने वाले थे लेकिन माले में राजनीतिक अस्थिरता के चलते दौरा रद्द हो गया था। मोदी ने कहा कि वह मालदीव की नई सरकार के साथ विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने काम करने की अपनी इच्छा से सोलिह को अवगत कराएंगे। 


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