गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी, 8,000 करोड़ का पैकेज देगी मोदी सरकार

नई दिल्ली ( 5 जून ): उपचुनाव में मिली हार बाद मोदी सरकार ने गन्ना किसानों के लिए 8000 करोड़ के पैकेज का ऐलान किया है। किसानों का गन्ना बकाया 22,000 करोड़ रुपए से अधिक हो जाने से चिंतित सरकार नकदी की तंगी से जूझ रही चीनी मिलों के लिए 8000 करोड़ रुपए से अधिक का राहत पैकेज घोषित कर सकती है ताकि किसानों का भुगतान जल्द से जल्द किया जा सके। अकेले यूपी में किसानों पर चीनी मिलों का करीब 13 हजार करोड़ रूपए बक़ाया हो चुका है। ऐसे में अब मोदी सरकार गन्ना किसानों की मदद के लिए एक बड़े पैकेज पर विचार कर रही है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गन्ना किसानों को राहत देने तथा उनके बकाया भुगतान के लिए केंद्र सरकार 8000 करोड़ से ज्यादा का व्यापक पैकेज लानी वाली है। सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को इस संबंध में आर्थिक मामलों पर मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में कोई निर्णय लिए जाने की संभावना है। माना जा रहा है कि सरकार का यह कदम 2019 के आम चुनावों में किसानों को आकर्षित करने के उद्देश्य से लिया गया है।इस पैकेज में 30 लाख मीट्रिक टन गन्ने के भंडारण किया जाएगा जिससे रुपया सीधे गन्ना किसानों के खातों में हस्तांतरित हो। ऐसे भंडारण की सुविधा होने से गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान होगा तथा मांग और आपूर्ति का संतुलन बनाने से चीनी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। भंडारण के निर्माण की कुल अनुमानित कीमत 1,200 करोड़ रुपये है। पैकेज में देश में एथनॉल की क्षमता बढ़ाने की 4,400 करोड़ रुपये से ज्यादा की महत्वपूर्ण योजना है। माना जा रहा है कि सरकार ने चीनी की न्यूनतम कीमत 29 रुपये प्रति किलोग्राम तय कर दी है जिससे गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान किया जा सके।