PM मोदी ने किया VVIP कल्चर को दरकिनार, ट्रैफिक को रोके बिना पहुंचे एयरपोर्ट

नई दिल्ली (7 अप्रैल):  बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना शुक्रवार दोपहर नई दिल्ली पहुंचीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रोटोकॉल तोड़कर खुद उनकी अगुवानी के लिए दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचे। लेकिन खास बात यह रही कि पीएम मोदी ने वीवीआईपी कल्चर को दरकिनार कर सामान्य ट्रैफिक के बीच एयरपोर्ट का सफर तय किया। लोककल्याण मार्ग से लेकर दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट तक उनका काफिला ट्रैफिक के बीच चला। उनके काफिल के लिए कोई विशेष इंतजाम नहीं किया गया और न ही किसी रूट में कोई बदलाव किया गया। आम तौर पर पीएम की सुरक्षा में एनएसजी कमांडो का भारी भरकम दस्ता और एंबुलेंस, जैमरयुक्त वाहन कई गाड़ियां होती हैं लेकिन इस बार ऐसा नहीं था। पीएम मोदी बड़ा काफिला लिए बिना ही एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। पीएम ने सामान्य ट्रैफिक के बीच लोककल्याण मार्ग से लेकर दिल्ली एयरपोर्ट कर का सफर तय किया।


वीवीआईपी मूवमेंट को लेकर संसद में उठ चुका है मामला- इसी साल 22 मार्च को राज्यसभा में वीवीआईपी रूट को लेकर लगने वाले जाम का मुद्दा उठा था। सपा के सांसद नरेश अग्रवाल ने उपसभापति पीजे कुरियन से कहा कि पूरी दुनिया में वीआईपी संस्कृति बंद है, लेकिन हमारे देश में यह अब भी जारी है। वीवीआईपी रूट के चलते आम जनता को रोक दिया जाता है। वीवीआईपी रूट के चलते उन्हें काफी देर तक रास्ते में रोक दिया जाता है, यह आपत्तिजनक है। अग्रवाल ने कहा कि जब सांसद पुलिसकर्मियों को बताते हैं कि वे सांसद हैं तो पुलिसकर्मियों का व्यवहार ठीक नहीं होता। कांग्रेस के आनंद शर्मा ने उनका समर्थन करते हुए कहा कि यह एक गंभीर विषय है। विजय चौक आने वाले रास्ते पर 17 मिनट तक रोककर रखा जात है। उन्होंने कहा कि संसद परिसर में भी यातायात पुलिसकर्मी तैनात हैं। इतनी पाबंदियां दुनिया की किसी भी संसद में नहीं हैं। समस्या का कोई रास्ता निकाला जाना चाहिए।


वीवीआईपी मूवमेंट से आई दिक्कतों के लिए पीएम मोदी मांग चुके हैं माफी- 11 सितंबर 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन करने गए थे। पीएम के इस व्यस्त कार्यक्रम की वजह से चंडीगढ़ में ट्रैफिक पर काफी पाबंदी रही। कड़ी सुरक्षा के अलावा धारा 144 के तहत शहर के कई हिस्सों में लोगों के जमा होने पर मनाही लगा दी गई। छात्रों को तकलीफ न हो इसलिए स्कूल और कॉलेजों की छुट्टी कर दी गई। इसको लेकर पीएम ने ट्विटर का सहारा लेते हुए अपनी बात रखी और कहा कि उन्हें अफसोस है कि उनके दौरे की वजह से स्कूलों को बंद करना पड़ा जो ज़रूरी नहीं था।

 

वीवीआईपी मूवमेंट के कारण कई बार जा चुकी है जानें, कई बार हुए मरीज परेशान-

1 Apr 2017- वीवीआई मूवमेंट के चलते एंबुलेंस को राजघाट के पास रोका गया, एक घायल बच्चा तड़पता रहा।

30 Jul 2016- बैंगलूरू में वीवीआई मूवमेंट कारण फंसी एंबुलेंस, काफी देर तक तड़पता रहा रोड एक्सीडेंट का मरीज।

16 Dec 2015- लखनऊ में वीवीआईपी फ्लीट के चलते एंबुलेंस को रोका गया तो एंबुलेंस में बच्चे का जन्म हो गया।

8 Aug 2015- चिन्नई में वीवीआई मूवमेंट के चलते लगा जाम, एंबुलेंस में फंसी प्रेगनेंट महिला अस्पताल पहुंचने पर मौत।

20 Dec 2010- राजघाट के पास वीवीआई मूवमेंट के चलते एक मरीज की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत।

10 Jun 2015- चंड़ीगढ़ में वीवीआई मूवमेंट के कारण लगा जाम, दो ऐंबुलेंस फंसी, एक मरीज की मौत।


दिल्ली में लगने वाले ट्रैफिक जाम से नुकसान-

- दिल्ली में कुल पंजीकृत वाहनों की संख्या 97.05 लाख है।

10.24 लाख वाहन राजधानी से प्रतिदिन होकर गुजरते हैं।

नोएडा और गुड़गांव से पांच-पांच लाख वाहनों की आवाजाही होती है।

दिल्ली में ट्रैफिक जाम के कारण रोजाना 11.5 करोड़ का नुकसान होता है।

दिल्ली में लगने वाले जामों से रोजाना 40 हजार लीटर ईंधन बर्बाद होता है।

ट्रैफिक जाम के कारण दिल्लीवालों को रोजाना 10 करोड़ का नुकसान होता है।

ट्रैफिक जाम के कारण सरकार को रोजाना 1.5 करोड़ का नुकसान होता है।

PCRA के आंकड़ों के मुताबिक सिगनल पर हर साल 994 करोड़ रुपए का ईंधन बर्बाद हो जाता है।

सबसे ज्यादा ईंधन बर्बाद कारें (2.5 lt) करती हैं उसके बाद टू-व्हिलर (0.75 lt) का नंबर आता है।

व्यक्ति के 30 साल के करियर में 06 साल का समय जाम में फंसकर रह जाता है