इतिहास में पहली बार मोदी मंत्रिमंडल में 4 पूर्व नौकरशाहों ने ली शपथ

नई दिल्ली (3 सितंबर): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल का रविवार को विस्तार हुआ। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले मोदी मंत्रिमंडल का ये अंतिम बड़ा विस्तार माना जा रहा है और इस विस्तार में प्रधानमंत्री ने राजनेताओं से ज्यादा पूर्व नौकरशाहों पर भरोसा दिखाया है, क्योंकि 9 नए चेहरों में से 4 पूर्व नौकरशाह हैं।

मोदी मंत्रिमंडल में जिन चेहरों को शामिल किया गया है उनमें पूर्व गृहसचिव आर के सिंह, मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर सत्यपाल सिंह, डीडीए के पूर्व कमिशनर 1979 बैच के आईएएस ऑफिसर अलफोंस कन्नाथन और रिसर्च एंड इंफोर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज के प्रेसिडेंट हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं। 

मोदी ने जिस तरह अधिकारियों पर दांव खेला है उससे उनके दो मकसद पूरे हो रहे हैं। एक तो उनके मंत्रिमंडल में प्रशासनिक रूप से दक्ष लोगों की कमी पूरी होगी और क्योंकि इन चेहरों का लंबा प्रशासनिक अनुभव रहा है और अपनी-अपनी फील्ड में ये ज्यादा निपुणता रखते हैं, दूसरी ओर राजनेताओं के मुकाबले अधिकारियों को मंत्री बनाने का एक फायदा ये भी है कि अधिकारी अपने विभाग के नौकरशाहों से ज्यादा बेहतर तरीके से कनेक्ट हो पाते हैं और मोदी अपने मंत्रियों से जिस तरह के परिणाम की उम्मीद रखते हैं, वैसे रिजल्ट मंत्री और नौकरशाहों में तालमेल के बिना संभव नहीं हैं। 

हरदीप सिंह पुरी हरदीप सिंह पुरी रिसर्च एंड इंफोर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज (आरआईएस) के प्रेसिडेंट हैं। वह 1974 बैच के पूर्व आईएफएस अधिकारी हैं। उन्‍हें विदेश नीति और राष्‍ट्रीय सुरक्षा में उनके अनुभव के लिए जाना जाता है। वह इंटरनेशनल पीस इंस्‍टीट्यूट के वाइस प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं। वह संयुक्‍त राष्‍ट्र की कई अहम समितियों में भी पद संभाल चुके हैं।

सत्यपाल सिंह सत्‍यपाल सिंह मौजूदा समय में उत्‍तर प्रदेश के बागपत से लोकसभा सांसद हैं। सत्‍यपाल महाराष्‍ट्र काडर के आईपीएस अधिकारी रह चुके हैं। वह महाराष्‍ट्र काडर की 1980 बैच के अधिकारी हैं। उन्‍हें अपनी सर्विस के दौरान भारत सरकार की तरफ से आंतरिक सुरक्षा सेवक पदक से भी सम्‍मानित किया जा चुका है। आंध्र प्रदेश के नक्‍सली इलाकों में उनको असाधारण काम के लिए भी उन्‍हें सम्‍मानित किया जा चुका है। वह मुंबई, पुणे और नागपुर के पुलिस कमिश्‍नर भी रह चुके हैं।

अलफोंज कन्ननथन अलफोंज केरल काडर के 1979 बैच के आईएएस अधिकारी रह चुके हैं। वह डीडीए के कमीशनर भी रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 15, 000 अवैध इमारतों का अतिक्रमण हटाया, जिसके बाद वह दिल्ली के डिमोलिशन मैन के रूप में प्रसिद्ध हो ग।

आरके सिंह बिहार के आरा से लोकसभा सांसद हैं। वह बिहार काडर के 1975 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। मौजूदा समय में वह फैमिली वेलफेयर पर बनी संसदीय समिति के मेंबर भी हैं। वह देश के गृह सचिव के पद पर भी रह चुके हैं। सांसद बनने से पहले वह डिफेंस प्रोडक्‍शन सेक्रेटरी, ज्‍वाइंट सेक्रेटरी (गृह मंत्रालय) और अन्‍य कई अहम पदों पर काबिज रह चुके हैं।