कश्मीर पर पीएम के मन की बात: जवान की जान जाए या नौजवान कि नुकसान तो अपना ही

नई दिल्ली (28 अगस्त) : पीएम नरेंद्र मोदी आज 23वीं बार ऑल इंडिया रेडियो से मन की बात कर रहे हैं। कश्मीर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीर में किसी भी जान जाए, चाहे वह किसी सुरक्षाकर्मी की हो या नागरिक ही, वह अपना ही नुकसान हैः आज जिन नौजवानों को गुमराह किया जा रहा है, एक दिन वहीं उनसे सवाल पूछेंगे। पीएम ने यह भी कहा कि कश्मीर पर भी सभी दलों ने मिलकर दुनिया और अलगाववादियों को संदेश दिया है।

- भारत रत्न मदर टेरेसा को 4 सितंबर को संत की उपाधि दी जाएगी। उन्होंने जीवनभर भारत के गरीबों की सेवा की है। उन्हें संत घोषित किए जाने पर भारत को गर्व है। इस मौके पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की अगुआई में प्रतिनिधिमंडल भेजा जाएगाः।

- एक चिट्ठी मिली है, इसमें कहा गया कि मूर्तियों के लिए प्लास्टर ऑफ पैरिस की जगह मिट्टी का इस्तेमाल किया जाए। मेरा भी आपसे यही आग्रह है कि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए मिट्टी से बनी मूर्ती से पूजा करें। दुर्गा पूजा में अभी समय है। हमें अभी इसे इस पर काम करना चाहिए।

- गणेश उत्सव आने वाला है। गणेश उत्सव पर लोकमान्य तिलक जी की याद आती है। सार्वजनिक गणेश उत्सव उनकी ही देन है। तिलक ने ही हमें स्वराज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है का मंत्र दिया। गणेशोत्सव से हमें इस मंत्र को उतारना चाहिए।

- मेरे एक शिक्षक करीब नब्बे साल के हैं। वह आज भी मुझे अपने हाथ से चिट्ठी लिखते हैं। महीने भर की किताबें और मेरे काम पर पर टिप्पणी करते हैं। वह आज भी मुझे पढ़ा रहे हैं। उनकी हैंडराइटिंग बहुत अच्छी है।

- शिक्षक का जीवन में बहुत महत्व होता है। पुलेला गोपीचंद की काफी चर्चाएं हो रही हैं। अपने शिष्य़ की सफलता पर खुश होने की उनकी कला को मैं सेल्यूट करता हूं।

- पांच सितंबर शिक्षक दिवस है। मैं इस मौके पर विद्यार्थियों के साथ समय बिताता रहा हूं। मेरे लिए पांच सितंबर शिक्षक दिवस और शिक्षा दिवस दोनों रहा है। लेकिन इस बार उनसे मुलाकात नहीं हो पाएगी।

- राज्य सरकारों को भी चाहिए कि ऐसी ही कमेटी बनाए और खेल संघों और खिलाड़ियों से बात कर खेलों को बढ़ावा देने के लिए रिपोर्ट तैयार करें। 

- अच्छे प्रदर्शन के लिए रो़ड मैप बनाने की जरुरत है। आलंपिक खेलों में प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए एक कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी विश्व में खेलों के साथ किये जा रहे काम पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।

- खेलों में लंबा सफर तय करने की जरूरत है। रियो ओलंपिक में पदक न मिलने के बावजूद खिलाड़ियों का अच्छा प्रदर्शन किया।

- देश की बेटियों ने रियो ओलिंपिक में एक बार फिर साबित किया कि वे किसी से कम नहीं हैं। एक बेटी दक्षिण, एक उत्तर, एक पूर्व से हैं। ऐसा लगता है कि जैसे पूरे भारत की बेटियों ने भारत के मेडल जिताने का बीड़ा उठा लिया है।

- ध्यान चंद्र देशभक्ति की मिसाल हैं। 29 अगस्त को उनके जन्मदिन को खेल दिवस के रूप में मनाया जाए। ध्यानचंद जी के सिर पर कोलकाता में मैच के दौरान एक खिलाड़ी ने हॉकी मार दी थी। उन्होंने आखिरी 10 मिनट में 3 गोल दागकर टीम को जीत दिला दी थी। उन्होंने इस पर कहा था कि मैंने चोट का बदला गोल से लिया।