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आपातकाल की 43वीं बरसीः पीएम के संबोधन की 10 बड़ी बातें

आपातकाल के 43 साल पूरे होने पर बीजेपी देशभर में काला दिवस मना रही है। इसी के तहत पीएम मोदी ने मंगलवार को मुंबई में कार्यकर्ताओं के बीच आपातकाल को लेकर बात की। PM मोदी ने कहा कि हर साल इमरजेंसी को याद किया जाता है, देश के इतिहास के लिए ये एक काला दिन है। इसे सिर्फ कांग्रेस और उसकी सरकार का विरोध करने के लिए नहीं बनाया जाता है।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (26 जून): आपातकाल के 43 साल पूरे होने पर बीजेपी देशभर में काला दिवस मना रही है। इसी के तहत पीएम मोदी ने मंगलवार को मुंबई में कार्यकर्ताओं के बीच आपातकाल को लेकर बात की। PM मोदी ने कहा कि हर साल इमरजेंसी को याद किया जाता है, देश के इतिहास के लिए ये एक काला दिन है। इसे सिर्फ कांग्रेस और उसकी सरकार का विरोध करने के लिए नहीं बनाया जाता है।

पीएम ने कहा कि जिसने पराधीनता के संघर्ष को नहीं देखा है उनके सामने आजादी की कितने भी बातें करें वह अनुभव नहीं कर सकता है। आज की पीढ़ी के नवजवानों से अगर पूछा जाए तो उन्हें ज्यादा पता नहीं होगा। उनके भीतर से आग प्रकट नहीं होगी। प्यासे को पता चलता है कि पानी नहीं है तो वह पल कैसा होता है। व्यक्ति को अभाव में अनुभव होता है। देश ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि सत्ता सुख और परिवार हित के लिए लोग हिंदुस्तान को जेलखाना बना देंगे। देश के नेताओं को सलाखों में बंद कर देंगे।

-जिन्होंने संविधान को एक प्रकार से पूरी तरह कुचल दिया, वे आज दुनिया में भय पैदा कर रहे हैं कि मोदी है, संविधान खत्म कर देगा: पीेएम मोदी-मुस्लिमों और दलितों में काल्पनिक भय पैदा किया गया: पीएम मोदी-आपातकाल के दौरान मीडिया को डराया गया- पीएम मोदी-बहुत कम लोग थे जो वाणी स्वातंत्र्य के लिए, अखबार की आजादी के लिए, संघर्ष का रास्ता चुनने के लिए मैदान में आए थे: पीएम मोदी-मुस्लिमों और दलितों में काल्पनिक भय पैदा किया गया: पीएम मोदी-आपातकाल में न्यायपालिका को भी भयभीत किया गया: पीएम मोदी-जिस पार्टी के अंदर लोकतंत्र न हो, उस पार्टी से लोकतंत्र की प्रतिबद्धता की कभी कल्पना नहीं कर सकते- पीएम मोदी-जो कभी 400 लेकर बैठे थे, पंचायत से पार्लियामेंट तक एक ही परिवार का राज चलता था, वे 400 से 44 पर आ गए: पीएम मोदी-जब स्व सुख के लिए स्वयं के दल को तबाह कर दिया गया, उसी दिन संकेत मिल चुके थे कि इनके लिए परंपराएं, मूल्य, देश, लोकतंत्र, संविधान कोई मायने नहीं रखता है: पीएम मोदी-वह कौन सी मानसिकता होगी, जिसने सत्ता सुख के लिए अपनी स्वयं की कांग्रेस पार्टी के टुकड़े कर दिए हों। ऐसे लोगों में लोकतंत्र के प्रति श्रद्धा कैसे हो सकता है: पीएम मोदी

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