पीएम मोदी ने War Room में बनाई यह रणनीति, अब नहीं बच पाएगा पाकिस्तान

संजीव त्रिवेदी, नई दिल्ली (22 सितंबर): प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का जिम्मा अपने हाथों में ले लिया है। राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार अजीत डोभाल की निगरानी में जवाबी कार्रवाई का एक रोड मैप तैयार किया गया है, जिसे तीनों सर्विस चीफ के जरिए अंजाम दिया जाना है।

इस कार्रवाई के सबसे अहम नतीजे के तौर पर पिछले तीन दिनों में हंदवाड़ा उरी और नौगाम में सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई में कई घुसपैठिए मारे गए हैं। पाकिस्तान में डर और दहशत का खौफ है, जिसके तहत भारत की सीमा से लगे इलाकों में फाइटर जेट्स तैनात किए जा रहे हैं। बुधवार को पूरे इलाके में जेट्स की मूवमेंट के लिए पेशावर गिलगिट, बालटिस्तान, स्कार्दू और मुजफराबाद में पैसेंजर उड़ाने रोक दी गईं थीं।

प्रधानमंत्री मोदी ने 20 और 21 सितंबर को साउथ ब्लॉक स्थित रक्षा मंत्रालय के एक गुप्त दफ्तर में बैठकें की हैं। इसे Military Ops Directorate या War Room कहा जाता है, ये South Block स्थित रक्षा मंत्रालय के प्रथम तल पर अवस्थित है।

पीएम मोदी ने बनाई यह रणनीति... - वार-रूम में 20 सितंबर को हुई बैठक में प्रधानमंत्री के साथ अजीत डोभाल और तीनों सर्विस चीफ मौजूद थे।

- प्रधानमंत्री को बताया गया कि इस साल पठानकोट से अबतक 17 बार LoC में घुसपैठ की कोशिशें हो चुकी हैं। - इन 5 लोगों ने मिलकर इस विषय पर बातचीत की उरी हमले के जवाब का तरीका क्या होना चाहिए। - तय हुआ कि सबसे पहले सीमा पार घुसपैठ की तैयारी में बैठे माड्यूल्स को neutralise किया जाए। - प्रधानमंत्री को LoC के मानचित्र पर माड्यूल्स के मौजूदा location की खुफिया जानकारी दी गई। - उनके पास मौजूद असलहो और उनके back-up force के बारे में भी बताया गया। - माड्यूल्स को neutralize करने के बाद सीमा पर प्रस्तावित targetted ops के बारे में भी प्रधानमंत्री को जानकारी दी गई। - प्रधानमंत्री ने 22 सिंतबर को भी वार-रूम में बैठक की। - CCS की बैठक वार-रूम में ही हुई, जिसमें CCS के मंत्रियों को भी ब्रीफ किया गया। - प्रधानमंत्री उरी की घटना से से पहले सिर्फ 2 बार वार-रूम में आए थे, लेकिन उरी घटना के बाद पिछले 5 दिनों में 2 बार वार-रूम में बैठकें कर चुके हैं। - इस वार-रूम से सुरक्षा से जुड़े Ops की निगरानी रखी जाती है, प्रधानमंत्री इससे सीधे जुड़े हुए हैं। - यहां से सीमा पर battalions और artillery को upgraded military response के आदेश दिए जा चुके हैं।