पीएम मोदी के अमेरिका दौरे से भारत को क्या मिला, जानिए बड़ी बातें

नई दिल्ली(8 जून): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय अमेरिका दौरे पर हैं। इस दैरान उन्होंने मंगलवार को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात की। पीएम मोदी और ओबामा की यह सांतवीं मुलाकात थी। पीएम मोदी का ये दौरा कई मयानों में एतिहासिक रहा है।

आईए जानते हैं उनके इस दौरे से भारत को क्या मिला...

- उनके इस दौरे ने जहां भारत की एमटीसीआर समूह में एंट्री निश्चित कर दी है वहीं न्यूक्लीयर सप्लायर ग्रुप (एनएसजी) के लिए अमेरिका का बेबाक समर्थन भारत विरोधी चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के मुंह पर तमाचा है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्‍ट्रपति ओबामा के बैठक में जलवायु परिवर्तन, सुरक्षा और अंतर्राष्‍ट्रीय मामलों पर कूटनीतिक सहयोग पर विचार-विमर्श प्रमुखता से हुआ।

 - अमेरिका ने कहा है कि भारत मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) का सदस्य बनने के लिए तैयार है, क्योंकि उसकी सदस्यता संबंधी सभी बाधाओं को दूर कर लिया गया है। भारत ने इस की ग्रुप सदस्यता के लिए पिछले साल आवेदन किया था। लेकिन एमटीसीआर के कुछ सदस्य देशों ने इसका कड़ा विरोध किया था। इस समूह में निर्णय आम सहमति पर आधारित होता है।

- एनएसजी में भारत की सदस्यता पर चीन की आपत्ति के बारे में पूछे जाने पर वहां के एक अधिकारी ने कहा कि चीन एमटीसीआर का सदस्य नहीं है, इसलिए भारत की सदस्यता पर उसके पास अपनी आपत्ति व्यक्त करने का कोई अवसर नहीं है। हालांकि भारतीय अधिकारी इसकी सदस्यता की स्थिति पर कोई टिप्पणी करने से बचते रहे।

- भारतीय विदेश सचिव एस जयशंकर ने कहा, भारत ने एमटीसीआर की सदस्यता के लिए आवदेन दिया है। भारत के एमटीसीआर के सदस्य बनने से भारत एवं अमेरिका के बीच रक्षा व्यापार एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण बढ़ने का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है।

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका के टॉप सीईओज के साथ मीटिंग के बाद यूएस की दिग्‍गज कंपनियों ने वादा किया कि वो अगले तीन सालों में भारत में 45 अरब डॉलर का इन्वेस्टमेंट करेंगी।

- मोदी और ओबामा ने पेरिस जलवायु समझौते से जुड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई। इससे ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन घटाने संबंधी रणनीतियों को बल मिलेगा।

- पठानकोट आतंकी हमले को 26/11 जैसा मानते हुए राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि वह हमले को अंजाम देने वालों को सजा दे।

- अमेरिका ने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और दाउद कंपनी जैसे पाकिस्तान स्थित संगठनों से आतंकी खतरे के खिलाफ भारत के साथ खड़े होने का संकल्प जताया।

- विदेश सचिव एस जयशंकर ने बताया कि दोनों पक्षों ने एक रोडमैप को अंतिम रूप दिया जिसके तहत भारत अमेरिका की रक्षा और दोहरे उपयोग वाली प्रौद्योगिकी तक बेहतर तथा लाइसेंस मुक्त पहुंच बना सकता है।

- अमेरिका ने भारत की मेक इन इंडिया पहल का समर्थन करने में और रक्षा प्रौद्योगिकी तथा व्यापार पहल (डीटीआईआई) के तहत प्रौद्योगिकियों के सह उत्पादन और सह विकास का विस्तार करने में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

- भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम (एनपीसीआईएल) और अमेरिकी कंपनी वेस्टिंगहाउस ने भारत में छह परमाणु बिजली रिएक्टरों पर काम करने पर सहमति जताई।