#MissionGujarat: #PMModi जाएंगे सोमनाथ, जानिए क्यों उनके लिए अहम है यह मंदिर...

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (7 मार्च): उत्तर प्रदेश में धुंआधार प्रचार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए मिशन गुजरात पर निकल गए हैं। पीएम मोदी गुजरात में दो दिन रहेंगे। मंगलवार पहले दिन उन्होंने कई योजनाओं का उद्धाटन किया साथ ही भरूच में जनसभा को संबोधित भी किया। शाम को गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी के गांधीनगर आवास पर सांसदों, विधायकों और मंत्रियों से मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी के साथ पार्टी अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। पीएम मोदी कल यानी 8 मार्च को मोदी सोमनाथ मंदिर दर्शन करने जाएंगे, जहां विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद पीएम सोमनाथ मंदिर न्यास की बैठक में भाग लेंगे। पीएम मोदी मंदिर न्यास के ट्रस्टी भी हैं। उनके साथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी बैठके में मौजूद रहेंगे। दोनों भी मंदिर न्यास के ट्रस्टी हैं। मई 2014 को दिल्ली की सत्ता संभालने के बाद ये पीएम मोदी का 10वां गुजरात दौरा है।

गुजरात दौरा पीएम मोदी के लिए अहम... पीएम मोदी के गुजरात दौरे को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि गुजरात में इसी साल चुनाव होने हैं। पिछले कई समय से बीजेपी को अपने इस गढ़ में बगावत का सामना करना पड़ा है। दलितों की नाराजगी, पाटीदारों की आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन, बीजेपी सरकार में सियासी उठापटक के बीच आनंदीबेन पटेल को सीएम की कुर्सी छोड़ना, नए मुख्यमंत्री बनने के लिए बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं का आमने-सामने आना। पीएम मोदी को अपना गढ़ बचाना है तो इस सभी चुनौतियों से निपटना पड़ेगा।

  

    * पहली चुनौती- मोदी के सामने पहली चुनौती पाटीदार समुदाय से निपटने की है। जिन्होंने पिछले काफी वक्त से आरक्षण को लेकर आंदोलन छेड़ रखा है।

    * दूसरी चुनौती- दूसरी बड़ी चुनौती हार्दिक पटेल। हार्दिक शिवसेना से हाथ मिला चुके हैं। हार्दिक आरक्षण आंदोलन के बाद पटेलों का बड़ा नेता बनकर उभरा हैष

    * तीसरी चुनौती- तीसरी चुनौती आम आदमी पार्टी से निपटना। दिल्ली में मोदी के विजय रथ को रोक कर आप पंजाब, गोवा और गुजरात की तरफ चल पड़ी है।

    * चौथी चुनौती- चौथी चुनौती बीजेपी की अंदरूनी कलह से निपटने की है। पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा, आनंदीबेन पटेल को सीएम की कुर्सी छोड़नी पड़ी।

    * पांचवी चुनौती- मोदी के सामने दलितों को मनाने की भी बड़ी चुनौती है। जुलाई 2016 उना हमले के बाद राज्य सरकार की काफी किरकिरी हुई थी।

पीएम बनने के बाद मोदी का पहला सोमनाथ दौरा... पांच राज्यों में चुनाव खत्म होने और 11 मार्च को नतीजे आने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ के दर्शन करेंगे। पीएम मोदी का सोमनाथ मंदिर से रिश्ता कोई नया नहीं है। पीएम मोदी सोमनाथ मंदिर न्यास के ट्रस्टी भी हैं। ट्रस्ट की बैठकों में लगातार भाग लेते रहे हैं। मोदी ने 2012 में गुजरात विधानसभा चुनाव और 2014 लोकसभा चुनाव प्रचार की शुरूआत सोमनाथ से ही की थी। मोदी के जीवन में सोमनाथ मंदिर का महत्व कितना है ये उनके भाषणों में समझा जा सकता है, वे जहां भी जाते हैं सोमनाथ का जिक्र जरूर करते रहे हैं।

सोमनाथ मंदिर का महत्व...

    * सोमनाथ मंदिर की गिनती 12 ज्योतिर्लिंगों में होती है ।

    * गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के वेरावल में स्थित सोमनाथ मंदिर।

    * कहा जाता है कि इसका निर्माण स्वयं चन्द्रदेव ने किया था।

    * सोमनाथ मंदिर के निर्माण का उल्लेख ऋग्वेद में भी मिलता है।

    * सोमनाथ मंदिर को मुहमद गजनवी ने 17 बार खंडित किया था।

    * हरबार इसका पुनर्निर्माण किया गया वर्तमान में सरदार पटेल कराया।

    * भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने किया मंदिर का उदघाटन किया था।

राजनीति का केंद्र रहा सोमनाथ...

    * सोमनाथ मंदिर राजनीति का केंद्र अपने उदघाटन 1951 के समय से ही रहा है।

    * पं. नेहरू ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद को मंदिर का उदघाटन न करने का आग्रह किया था।

    * प्रधानमंत्री नेहरू का तर्क था धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र के प्रमुख को मंदिर उदघाटन से बचना चाहिए।

    * हालांकि नेहरू के आग्रह को न मानते हुए डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर का उदघाटन किया।

    * उदघाटन के समय उन्होंने कहा था भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है लेकिन नास्तिक राष्ट्र नहीं है।

    * 1990 में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की राम रथयात्रा यहीं से शुरू हुई थी।

    * 25 सितंबर, 1990 को पं. दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिन पर सोमनाथ से रथयात्रा शुरू हुई थी।

    * 10,000 किमी की यात्रा करने के बाद 30 अक्तूबर को अयोध्या में समापन किया जाता था।

    * लालकृष्ण आडवाणी ने कहा था कि इस यात्रा ने मेरे जीवन को बदल दिया।

    * उन्होंने कहा इस यात्रा ने भारतीय राजनीति को भी कई तरह से प्रभावित किया था।

    * सीएम बनने के बाद नरेंद्र मोदी सोमनाथ आकर पूजा अर्चना करते रहे हैं।

    * 2012 में गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार की शुरूआत नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ से ही की थी।

    * 2014 लोकसभा चुनाव से पहले सोमनाथ की घरती पर ही नरेंद्र मोदी ने पहली रैली की थी।

    * मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा था सरदार पटेल नहीं होते तो सोमनाथ भारत में नहीं होता।