'मुट्ठीभर लोग गौरक्षा के नाम पर समाज में टकराव लाने की कोशिश कर रहे हैं'

नई दिल्ली (7 अगस्त): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना के मेडक में एनटीपीसी थर्मल पावर प्रोजेक्ट के पहले फेज का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने जनता को संबोधित भी किया।

तेलंगाना में भागीरथ मिशन के लॉन्च के मौके पर पीएम मोदी ने एक बार फिर गौसेवा के नाम पर गलत काम करने वाले लोगों पर निशाना साधा। गौरतलब है, एक दिन पहले ही दिल्ली में आयोजित टाउन हॉल कार्यक्रम में उन्होंने फर्जी गौसेवकों पर राज्यसरकारों से कार्रवाई करने की अपील की। 

PM मोदी के भाषण की खास बातें

- पीएम मोदी ने कहा कि विविधताओं से भरे इस देश की अखंडता औऱ एकता को कायम रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। - सच्चे गोरक्षक और सच्चे गोसेवक भी सजग रहें ताकि मुट्ठीभर लोग आपके सच्चे काम को तबाह न कर दें। - गोरक्षा की बात गलत नहीं लेकिन, सभी देशवासियों से कहता हूं कि इस तरह के नकली गोरक्षकों से सावधान रहें, और राज्य सरकारें ऐसे लोगों की छानबीन कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करें। - हिंदुस्तान की एकता से परेशान होने वाले मुट्ठीभर लोग गोरक्षा के नाम पर समाज में टकराव लाने की कोशिश कर रहे हैं। - गाय के नाम पर बड़ी चर्चाएं चल रही हैं, जो लोग गोसेवा में विश्वास रखते हैं, वे सभी गाय को कृषि के साथ जोड़ें। - पीएम मोदी ने कहा, पहले तेलंगना को 11 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलती थी, लेकिन अब 1 रुपये में मिलती है। - पहले किसानों को खुश करने के लिए खाद में सब्सिडी देने की बात कही जाती थी, लेकिन खाद न मिलने पर सब्सिडी देने का क्या फायदा? - पानी और प्रकाश जिंदगी की सबसे बड़ी अनिवार्यता होती है, इसलिए सरकार ने सौर ऊर्जा पर बल दिया है। - पीएम मोदी ने कहा कि किसान को पानी मिल जाए तो वह मिट्टी से सोना पैदा करने की हिम्मत रखता है। - 2 साल पहले बिजली की कमी से जूझने वाले राज्यों को बिजली सरप्लस बना दिया गया है। - पोरबंदर में 200 साल पहले पानी की कीमत समझते हुए वहां के लोगों ने भंडारण की व्यवस्था कर ली थी, हमें पानी को प्रसाद की तरह संभालने का दायित्व समझना चाहिए। - पोरबंदर में 200 साल पहले पानी की कीमत समझते हुए वहां के लोगों ने भंडारण की व्यवस्था कर ली थी, हमें पानी को प्रसाद की तरह संभालने का दायित्व समझना चाहिए। - पानी होने पर उसके प्रति सबसे ज्यादा उदासीनता होती है लेकिन जब नहीं होता है तब कीमत पता चलती है, इसलिए हमें पानी बचाना चाहिए।