इस्लाम का असली नाम शांति है: पीएम मोदी

नई दिल्ली (17 मार्च): दिल्ली के विज्ञान भवन में विश्व सूफी सम्मलेन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस्लाम का असली नाम शांति है। सूफी लोगों के लिए खुदा की सेवा का मतलब मानवता की सेवा है।

मोदी के भाषण के मुख्य अंश:

मोदी ने अपनी स्पीच के दौरान कहा, ''सबका उस दिल्ली में स्वागत जिसे अलग-अलग कल्चर ने बनाया है।''

इजिप्ट और वेस्ट एशिया में अपने उदय के बाद से ही सूफीजम ने पूरी दुनिया में शांति और मानवता का मैसेज दिया है।

सूफी लोगों के लिए खुदा की सेवा का मतलब मानवता की सेवा है।

अगर हम ईश्वर से प्यार करते हैं तो हमें उसकी बनाई हर चीज से प्यार करना चाहिए।

सूफिज्म शांति की आवाज है। ये दुनिया में समानता की आवाज है।

अल्लाह ही रहमान और रहीम है और सूफीज्म अमन की आवाज है।

अल्लाह के 99 नाम हैं, इनमें किसी का मतलब हिंसा नहीं है। इसका असली मतलब शांति है और सूफीवाद शांति की आवाज है।

हजरत निजामुद्दीन ने कहा था अल्लाह उन्हें प्यार करता है जो इंसानियत से प्यार करते हैं।

जब मासूम आवाजों को बंदूक के दम पर दबाया जा रहा है तब सूफीज्म वो आवाज है जो लोगों को सहारा देती है।

सिर से लेकर पांव तक भारत शांति और सोहार्द का प्रतीक है।

आतंकवाद हमको बांटता है और बर्बाद करते है।

भारत के प्रति अमीर खुसरो से ज्‍यादा किसी ने नहीं दिखाया, खुसरो ने देश को प्‍यार सीखाया।

विभाजन के वक्‍त ही कुछ लोग धर्म के नाम पर बने पाकिस्‍तान में गए।

हिंदू, मुसलमान, सिख और ईसाई सभी मिलकर भारत को बना रहे हैं।

आतंकवाद दुनियाभर में बढ़ रहा है। साल 2015 में 90 से ज्‍यादा देशों ने आतंकी हमले झेले। कुछ लोग ऐसे हैं जिनको कैंप लगाकर आतंकवाद की ट्रेनिंग दी जा रही है।

एक देश पर आतंकी हमले का कई देशों पर असर पड़ता है।

अातंकवादी अपने ही देश और अपने ही लोगों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी धर्म के खिलाफ नहीं है।