सार्क की बैठक के लिए पीएम मोदी के पाक जानें पर सस्पेंस

नई दिल्ली (27 अगस्त): जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से पीओके, गिलगिट और बलूचिस्तान का मुद्दा उठाया है, तभी से पाकिस्तान बिना पानी के मछली की तरह तड़प रहा है। इस बार पाक ने पीएम मोदी को सार्क सम्मेलन में भाग लेना का न्यौता भेता है, लेकिन भारत सरकार की तरफ से इस बारे में कोई बयान सामने नहीं आया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी सार्क शिखर सम्मेलन में नहीं जाएंगे, क्योंकि वह पाक को कड़ा संदेश देना चाहते हैं कि हम प्यार के अलावा दूसरी भाषा भी जानते हैं जिसके लिए भारत को मजबूर किया गया। हालांकि पाकिस्तानी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने दक्षेस सदस्य देशों के नेताओं को इस सम्मेलन में आने की दावत भेजी है और वह उनका इस्लामाबाद में स्वागत करने को उत्सुक हैं।

बहरहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सीमापार आतंकवाद के मुद्दे को लेकर भारत और पाकिस्तान के संबंधों में चल रहे तनाव को देखते हुए क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस महीने की शुरुआत में दक्षेस गृह मंत्री सम्मेलन में भाग लेने के लिए राजनाथ सिंह इस्लामाबाद पहुंचे थे, लेकिन उस दौरान दोनों देशों के बीच कड़वाहट देखने को मिली।

बाद में दक्षेस वित्त मंत्री शिखर सम्मेलन में अरुण जेटली नहीं पहुंचे और भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास को भेजा। पाकिस्तानी विदेश विभाग ने कहा कि दक्षेस के नौ पर्यवेक्षकों को भी इस शिखर सम्मेलन के लिए न्यौता भेजा गया है।