PM मोदी ने नोटबंदी पर विपक्ष के इन 10 सवालों का दिया करारा जवाब

नई दिल्ली (7 फरवरी):राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष के तमाम सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी पर संसद में चर्चा के लिए सरकार तैयार थी, लेकिन विपक्ष टीवी पर लोगों की कतार देखकर चर्चा को टालता रहा। टीवी पर बाइट जरूर देते रहे।

उन्होंने कहा कि 2014 मई के पहले बात होती कहां किस भ्रष्टाचार में कितना पैसा गया। अब आवाज उठती है मोदी जी कितना लाए। यह बदलाव है। सही कदम है। नोटबंदी के बाद जाने का नहीं आने की बात उठ रही है।

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि खड़गेजी ने संसद में कहा कि कालाधन, हीरे-सोने, प्रॉपर्टी में है। लेकिन सदन जानना चाहता है कि यह ज्ञान आपको कब हुआ। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार  की शुरुआत नकद से होती है। इसके बाद सोना चांदी, हीरा, प्रापर्टी है। यह बुराईयों के केंद्र में है। 1988 में पीएम राजीव गांधी थे। दोनों सदनों में पंडित नेहरू से ज्यादा बहुमत था। पंचायत से लेकर हर जगह कांग्रेस का राज था। तब बेनामी संपत्ति का कानून बना। लेकिन क्या कारण है 26 साल तक उस कानून को नोटिफाई नहीं किया गया। अगर उस समय किया गया होता देश जल्दी साफ होता। वे कौन लोग थे जिन्होंने कानून दबाया। वे किस परिवार के लोग थे। जो ज्ञान आज कांग्रेस को हुआ है वह पहले क्यों चुप थी। नोटबंदी के माध्यम से इस सरकार ने कदम उठाया है।

पीएम मोदी ने कहा कि आप कितने ही बड़े क्यों न हों गरीब का हक लौटाना पड़ेगा। गरीबों के लिए लड़ाई लड़ी जा रही है और लड़ाई जारी रहेगी। इस देश में प्राकृतिक संपदा की कमी नहीं थी, लेकिन ऐसा वर्ग पनपा जिसने लोगों का हक लूटा। इसलिए देश ऊचाईंयों तक नहीं पहुंचा।

कांग्रेस पर हमला करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आपकी सरकार के दौरान भी सुझाव आए. इंदिरा गांधी के समय में शंकरराव चव्हाण उनके पास यह सुझाव लेकर गए थे, लेकिन इंदिरा गांधी ने चुनाव का जिक्र कर मामला शांत कर दिया.

पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दलों के लोगों के दिल चारबाग ही रह गए हैं। जब तक जियो मौज करो. चिंता किस बात की. कर्ज करो और घी पियो। आम आदमी पार्टी सांसद भगवंत मान पर चुटकी लेते हुए कहा कि ये होते तो कुछ और पीने को कहते।

पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोगों का कहना है कि जब अर्थव्यवस्था इतनी अच्छी चल रही थी तो ऐसे समय नोटबंदी क्यों की। जरूरी यह था कि देश की अर्थव्यवस्था इतनी फिट थी कि अभी यह करना उचित थी। हमारे देश में सालभर में जितना व्यापार होता है उसका आधा दिवाली के समय ही हो जाता है। यह सही समय था नोटबंदी के लिए। उन्होंने कहा कि जो सरकार ने सोचा था लगभग उसी हिसाब से सब चीजें चलीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले आयकर विभाग की मनमर्जी से छापा मारते थे। नोटबंदी के बाद सारी चीजें रिकॉर्ड पर हैं। कहां से आया, किसने लाया। अब आयकर विभाग को कहीं जाना नहीं है। एसएमएस के जरिए पूछ रहे हैं। मुख्य धारा में लोगों को आने का अवसर मिल गया है। क्लीन इंडिया अभियान में यहां से काम हो रहा है। बेनामी संपत्ति का कानून पास किया गया है। कानून को समझ लें। जिनके पास भी बेनामी संपत्ति है वह सलाह ले लें। कानून कितना कठोर है समझ लें। आगे आएं और देश की प्रगति का हिस्सा बनें।

उन्होंने कहा कि जिस दिन सरकार बनी उस दिन कालाधन पर SIT बनाई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनाई थी। 24 मार्च 2014 को कोर्ट ने कहा था कि किसी भी सरकार ने विदेशों में पड़े कालाधन कार्रवाई के लिए कुछ नहीं किया। तीन साल से आदेश पारित है लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि कोई भी फैसला हड़बड़ी में नहीं लिया गया।

पीएम मोदी ने कहा कि अब कई देशों से ऐसे समझौते किए गए जिसमें कोई भारतीय अगर पैसा रखता है तो इसकी जानकारी भारत सरकार को देनी होगी। पीएम मोदी ने कहा कि देश में भी कई काम किए। सोना खरीदारी में पैन, प्रॉपर्टी खरीदी पर कैश पर रोक, महंगी कारों की खरीदी पर टैक्स आदि कई काम किए। 1100 से ज्यादा कानून खत्म किए गए।  नोटबंदी पर बदलते नियम पर जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश के लोगों की समस्या को देखते हुए नियम बदले गए।

पीएम मोदी ने कहा कि देश में आजादी के बाद से करीब नौ बार एक योजना चली जिसका पिछली सरकार ने नरेगा नाम रखा और बाद में इसे बदलकर मनरेगा कर दिया गया। इस योजना में 1035 बार नियम बदले गए। उन्होंने पूछा कि क्या कारण था मनरेगा जो इतने सालों से चल रहा था, उसके नियमों में इतना बदलाव किया गया। एक्ट काफी पहले ही पास हो गया था।

नोटबंदी पर पीएम मोदी की बड़ी बातें...

- आज अचानक बदलाव नहीं आया है, योजनाबद्ध तरीके से लाया जा रहा है और इस दिशा में भगीरथ प्रयास किए जा रहे हैं

- स्वच्छ भारत की तरह ही नोटबंदी से देश में करप्शन का सफाया होगा

- क्या कारण रहा जो MNREGA जैसे लोकप्रिय कार्यक्रम के नियमों में 1035 बार परिवर्तन करना पड़ा ?

- 2 लाख से ज्यादा का गहना खरीदने पर PAN नंबर देने का नियम बनाया तो लोगों ने इसे रद्द करने की मांग की लेकिन हम नहीं डिगे

- हमारी सरकार बनते ही हमने विदेशों से काला धन वापस लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार SIT बनाई

- 2014 से पहले सदन में आवाज आती थी कि स्कैम में कितना गया, अब आवाज आती है मोदी कितना लाया। यही तो बदलाव है

- आपने नोटबंदी पर सदन में चर्चा इसलिए नहीं की क्योंकि आपको लगता था कि मोदी को फायदा हो जाएगा

-हमें चुनावों की नहीं देश की चिंता है, इसलिए हम कड़े नियम लेकर आए

- आपने पहले करप्शन और काले धन के खिलाफ कोई कदम क्यों नहीं उठाया ?

-आप चाहे कितने भी बड़े राजनीतिक दल से क्यों न हों, आपको गरीब का हक लौटाना होगा