राहुल गांधी ने पीएम को लिखी चिट्ठी, सैनिकों के साथ न हो नाइंसाफी

नई दिल्ली ( 29 अक्टूबर ) : राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है और कहा है कि सैनिकों को मुआवजा और विकलांगता पेंशन को सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। भूतपूर्व सैनिकों को संतुष्ट करने के लिए OROP को सार्थक तरीके से लागू किया जाना चाहिए। 7वें वेतन आयोग की विसंगतियों को जल्द से जल्द दूर किया जाना चाहिए। 

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर 'वन रैंक वन पेंशन' को सही तरीके से लागू करने की अपील की है. राहुल गांधी ने चिट्ठी में लिखा है कि हमारे जवान हर रोज अपने देश की रक्षा के लिए अपने जीवन को दांव पर लगाते हैं. यह हमारा कर्तव्य है कि उन्हें दिखाया जाए कि हम उनकी और उनके परिवार की चिंता करते हैं। 

राहुल गांधी ने पीएम को लिखा कि मैं आपका ध्यान मीडिया की उन खबरों की ओर लाना चाहता हूं, जो कि पिछले कुछ हफ्तों में सरकार द्वारा लिए गए फैसलों के बाद सामने आ रही हैं. मुझे लगता है कि ये सब हमारे जवानों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली खबरें हैं.

राहुल गांधी ने लिखा है हमारे जवानों ने सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया उसके कुछ दिनों बाद ही विकलांगता पेंशन में बदलाव किया गया, जो कि कई मामलों में इन बहादुर जवानों के विकलांग होने पर पेंशन कम कर देता है. सशस्त्र बलों के जवानों को लगातार सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से दूर रखा जा रहा है. 18 अक्टूबर के एक आदेश में रक्षा अधिकारियों के स्टेटस में कमी करने का फैसला लिया गया है. यह कमी उनके समकक्ष सिविल सेवा अधिकारियों की तुलना में की गई है.

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकार द्वारा लागू की गई 'वन रैंक वन पेंशन' पूर्व सैनिकों की मांगों को पूरा नहीं करती है. अपनी आवाज सुनाने के लिए उन्हें सड़कों पर आना पड़ा. एक जिम्मेदार लोकतंत्र होने के नाते ये हमें सुनिश्चित करना चाहिए कि देश के लिए अपनी जान की बाजी लगाने वाले बहादुर सैनिक प्यार महसूस करें, 125 करोड़ लोगों का समर्थन और आभार उन्हें मिले. राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी मैं आपसे आग्रह करता हूं कि हमारे जवानों की हर समस्या का हल निकले.