उत्सव का उद्देश्य कुछ कर गुजरने का संकल्प होना चाहिए: पीएम मोदी

नई दिल्ली(30 सितंबर): दशहरे के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू लाल किला के नजदीक स्थित सुभाष पार्क में चल रहे रामलीला में पहुंचे। 

- इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद थे। यहां रावण वध के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति कोविंद ने लोगों को संबोधित भी किया।  - पीएम ने लोगों से देश के लिए सकारात्मक योगदान देने का संकल्प लेने की अपील की। पीएम और राष्ट्रपति के संबोधन के बाद रावण के पुतले का दहन हुआ।

- प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत जय श्री राम के नारे से की और लोगों को विजयदशमी की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उत्सव सामाजिक शिक्षा के माध्यम होते हैं। पीएम ने कहा कि हर उत्सव का उद्देश्य समाज को सामूहिकता की ओर ले जाना है। उन्होंने कहा कि हमारे उत्सव खेत, नदी, पर्वत, इतिहास और परंपराओं से जुड़े हैं। 

- प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राम और कृष्ण की गाथाएं सामाजिक जीवन को प्रेरणा देती हैं। लोक संग्रह की शक्ति के साथ श्री राम ने विजय प्राप्त की। उन्होंने कहा कि 2022 में देश की आजादी के 75 साल पूरे होंगे। पीएम ने कहा कि ऐसे उत्सव का मकसद सिर्फ मनोरंजन नहीं बनना चाहिए बल्कि कुछ कर गुजरने का संकल्प बनना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि एक नागरिक के नाते सभी देश के लिए सकारात्मक योगदान देने का संकल्प लें। इस मौके पर राष्ट्रपति कोविंद ने अपने संबोधन में कहा कि प्रभु राम के जीवन आदर्श पूरी मानवता के लिए आज भी अत्यधिक प्रासंगिक है।